गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। जलाशयों में जलस्तर बढ़ने के कारण नदियों में पानी छोड़े जाने की मात्रा लगातार बढ़ाई जा रही है। 25 सितंबर 2026 को दोपहर 1.30 बजे के अपडेट के अनुसार गंगरेल बांध के 14 गेट खोल दिए गए हैं और महानदी में करीब 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
वहीं गरियाबंद जिले के सिकासार जलाशय से भी करीब 20 हजार क्यूसेक पानी और सोढ़ूर बांध से 42 हजार क्यूसेक पानी पैरी नदी में छोड़ा जा रहा है। बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए तटीय और निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी की गई है।
गंगरेल बांध से 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा
गंगरेल जलाशय में जलभराव लगातार बढ़ रहा है। 25 सितंबर को सुबह 10 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार जलाशय 99.01 प्रतिशत भर चुका था। भारी जल आवक को नियंत्रित करने के लिए दोपहर 1.30 बजे तक गंगरेल के 14 गेट खोल दिए गए और महानदी में करीब 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। महानदी में इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता जरूरी है।
सिकासार बांध 89.32 प्रतिशत भरा, 12 गेट खोले गए
गरियाबंद जिले में पैरी नदी पर स्थित सिकासार जलाशय में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अधीक्षण अभियंता जल संसाधन संभाग गरियाबंद एसके बर्मन के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को सिकासार जलाशय में 179.28 मिलियन घन मीटर पानी संग्रहित है। इसकी कुल भंडारण क्षमता 198.82 मिलियन घन मीटर है। जलाशय का वर्तमान जलस्तर 1330.00 फीट दर्ज किया गया है, जो कुल क्षमता का 89.32 प्रतिशत है। पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जलाशय के 12 गेट 3-3 फीट तक खोले गए हैं।
फिलहाल सिकासार से करीब 20000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि जलाशय में 34000 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है।
मुरुमसिल्ली-दुधावा बांध फुल
धमतरी जिले के अन्य प्रमुख जलाशयों में भी जलभराव की स्थिति काफी ऊंची बनी हुई है। 25 सितंबर को सुबह 10 बजे प्राप्त आंकड़ों के अनुसार गंगरेल जलाशय 99.01 प्रतिशत जलभराव, मुरुमसिल्ली जलाशय 100 प्रतिशत जलभराव, दुधावा जलाशय 97.36 प्रतिशत जलभराव और सोढ़ूर जलाशय 89.42 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।
महानदी और पैरी नदी के तटीय गांवों में अलर्ट
जलाशयों से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी और पैरी नदी सहित संबंधित नदी तंत्र में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। राजिम के त्रिवेणी संगम में करीब 3 लाख 62 हजार क्यूसेक पानी की संभावना है। बताया जा रहा है कि इसी भारी मात्रा में पानी पहली बार पहुंचने की संभावना है।
पानी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से नदियों, नालों, पुल-पुलियों और जलाशयों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा तेज बहाव वाले पानी में उतरने से बचने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को नदी-नालों से दूर रखने की अपील की गई है।
पुल-पुलियों पर पानी होने पर आवागमन से बचें
निचले और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। जलभराव वाले क्षेत्रों में आवागमन करते समय सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग अपनाने तथा पुल-पुलियों के ऊपर पानी बहने की स्थिति में वाहन नहीं चलाने की अपील की गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से जारी निर्देशों और चेतावनियों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने का आग्रह किया है।
इंद्रावती नदी उफान
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। रायपुर समेत कई जिलों में रातभर बारिश होने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के चलते इंद्रावती नदी उफान पर है, जबकि सुकमा और बीजापुर के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और कुछ गांव पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गए हैं।
सुकमा-बीजापुर में गांव बने टापू
दक्षिण छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बाद सुकमा और बीजापुर जिले के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। पानी भरने के कारण कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और कुछ गांव चारों ओर से पानी से घिर गए हैं। इंद्रावती नदी के उफान को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित
भारी बारिश का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन होने के कारण किरंदुल-विशाखापट्टनम रेल मार्ग की दो ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं खराब मौसम के चलते जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट भी रद्द कर दी गई है।
17 जिलों में ऑरेंज, 11 में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश में बारिश को लेकर 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 11 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। वहीं यलो अलर्ट वाले जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।
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