Shyam Agrawal
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महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)
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नवापारा। भारी बारिश और जलाशयों से छोड़े गए पानी के चलते महानदी और पैरी नदी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि गोबरा नवापारा, राजिम सहित दर्जनों गांवों में बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। शहर के कई हिस्से पानी में डूब गए, सड़कों का अस्तित्व तक नजर नहीं आया और गलियां तेज बहाव वाली नदियों में तब्दील हो गईं। सैकड़ों घरों में पानी घुसने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)कई परिवारों को रातभर छतों पर बैठकर गुजारनी पड़ी, तो अनेक लोगों ने जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर अपनी जान बचाई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाढ़ का यह मंजर पिछले कई वर्षों की तुलना में कहीं अधिक भयावह रहा। हालांकि, अब महानदी का पानी उतर चुका है, लेकिन बाढ़ की तबाही के निशान और प्रभावित परिवारों की परेशानियां अभी बरकरार हैं।

तीन बड़े जलाशयों से छोड़े गए पानी ने बढ़ाई मुसीबत

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)गंगरेल, सोंढूर और सिकासार जलाशयों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद महानदी और पैरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोलकर महानदी में करीब 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई। वहीं, सोंढूर से करीब 43 हजार क्यूसेक और सिकासार से 20 हजार क्यूसेक से अधिक पानी पैरी नदी में छोड़ा गया।

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)तीनों जलाशयों से पानी की आवक बढ़ने के कारण राजिम के त्रिवेणी संगम में जलप्रवाह बेहद तेज हो गया। महानदी और पैरी नदी के बढ़ते जलस्तर का सीधा असर नवापारा शहर पर पड़ा और देखते ही देखते निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने लगा।

त्रिवेणी संगम के बाद नवापारा में मचा हाहाकार

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)राजिम के त्रिवेणी संगम में जलस्तर बढ़ने के बाद महानदी का पानी तेजी से नवापारा की ओर बढ़ा। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक स्थिति लगातार बिगड़ती गई। शहर के निचले इलाकों में पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया और कई मोहल्लों की गलियां पूरी तरह जलमग्न हो गईं।

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)आलम यह रहा कि जहां कल तक लोगों की आवाजाही सामान्य थी, वहां तेज बहाव के साथ पानी बहता नजर आया। कई परिवारों ने जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि कुछ लोग अचानक बढ़े पानी के कारण घरों में ही फंस गए। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को लेकर परिवारों की चिंता बढ़ गई। कई लोगों ने पूरी रात छतों पर बैठकर पानी उतरने का इंतजार किया।

सैकड़ों घरों में घुसा पानी

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)नवापारा के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घरों, आंगनों और सड़कों तक फैल गया। कई स्थानों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया। बाढ़ के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस बार बाढ़ का फैलाव और जलस्तर पहले की तुलना में काफी अधिक था। शहर के कई ऐसे हिस्सों तक पानी पहुंच गया, जहां पहले इस तरह के हालात नहीं बने थे। फिलहाल महानदी का पानी उतर चुका है, लेकिन नवापारा के चार वार्डों में बाढ़ से हुई तबाही की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। घरों में जमा सीलन, कीचड़, टूटे-बिखरे सामान और नुकसान की लंबी सूची प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बयां कर रही है।

पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें अलर्ट मोड पर रहीं। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान एसडीआरएफ की टीम ने हजारों लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। प्रशासन की टीमों ने प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए रखी और जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया।

मंत्री और विधायक ने किया निरीक्षण

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा और अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू ने गोबरा नवापारा के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राहत सामग्री वितरित की।

इस दौरान प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न, सूखा राशन, पीने का पानी और दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। जनप्रतिनिधियों ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि इस संकट की घड़ी में शासन-प्रशासन उनके साथ है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

पीड़ितों को 5-5 हजार रुपये के सहायता चेक वितरित

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)बाढ़ प्रभावित परिवारों को तात्कालिक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रभावितों को 5-5 हजार रुपये के अनुदान चेक वितरित किए। जिन परिवारों के मकान बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें पुनर्निर्माण में सहायता देने का आश्वासन भी दिया गया। मंत्री ने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने के निर्देश

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)निरीक्षण के दौरान मंत्री टंक राम वर्मा और विधायक इंद्र कुमार साहू ने अधिकारियों को बाढ़ से हुए नुकसान का त्वरित और सटीक सर्वे करने के निर्देश दिए। मकानों, फसलों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रकरण तैयार करने को कहा गया। मंत्री ने निर्देशित किया कि जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी जल्द सुनिश्चित की जाए। साथ ही, प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर दवाओं का छिड़काव और मेडिकल कैंप लगाने की व्यवस्था की जाए, ताकि बाढ़ के बाद बीमारियों के फैलने की आशंका को रोका जा सके।

नुकसान का सर्वे पूरा होने के बाद राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत पात्र प्रभावितों को मुआवजा देने की बात कही गई।

जनप्रतिनिधियों और समाजसेवी संस्थाओं ने बढ़ाया मदद का हाथ

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवी संस्थाओं ने भी आगे आकर सहयोग किया। नगर पालिका अध्यक्ष ओमकुमारी साहू, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी, भाजपा मंडल से जुड़े नागेंद्र वर्मा, परदेशी राम साहू, संजय साहू और धीरज साहू सहित पार्षदों एवं कार्यकर्ताओं ने राहत कार्यों में योगदान दिया। इस दौरान पार्षद नम्मुनारायण ध्रुव, जग्गू यादव, निर्मला साहू, पूजा कंसारी, जीना निषाद, सिंटू सौरभ जैन, मुकुंद मेश्राम, राजू रजक, योगिता सिन्हा, धनमती साहू, मुकेश निषाद सहित अन्य लोगों ने प्रभावित परिवारों की सहायता में सहभागिता निभाई।

पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष धनेंद्र साहू भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानी थीं।

सर्वे और मुआवजे का इंतजार

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)महानदी का जलस्तर घटने के बाद शहर के प्रभावित इलाकों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद है, लेकिन बाढ़ से हुए नुकसान ने परिवारों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। घरों में जमा कीचड़, खराब हुआ घरेलू सामान और क्षतिग्रस्त मकानों के बीच लोगों को फिर से जिंदगी पटरी पर लाने की चिंता सता रही है।

अब प्रभावित परिवारों की नजर प्रशासनिक सर्वे और शासन से मिलने वाली राहत राशि पर टिकी है। लोगों को उम्मीद है कि नुकसान का आकलन जल्द पूरा होगा और उन्हें पुनर्वास एवं मरम्मत के लिए समय पर सहायता मिल सकेगी।

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By Yuvraj Sahu

Yuvraj Sahu Editor – Khabar Vistar युवराज साहू (Yuvraj Sahu) खबर विस्तार (Khabar Vistar) के संपादक हैं। वे छत्तीसगढ़ की स्थानीय, प्रशासनिक, अपराध, शिक्षा एवं जनहित से जुड़ी खबरों का निष्पक्ष और तथ्यपरक कवरेज करते हैं।

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