नवापारा-राजिम: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच महानदी, पैरी और सोंढुर नदी उफान (बाढ़) पर हैं। सिकासार, सोंढुर और गंगरेल जलाशयों से छोड़े गए पानी के बाद राजिम त्रिवेणी संगम लबालब हो गया, वहीं इसका असर अब गोबरा नवापारा में भी साफ दिखाई देने लगा है।
महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से नगर के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हालात ऐसे बन गए कि कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। प्रशासन और नगर पालिका पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।
तीन बांधों से छोड़ा गया हजारों क्यूसेक पानी

लगातार हो रही बारिश के चलते सिकासार जलाशय से लगभग 58 हजार क्यूसेक, सोंढुर जलाशय से करीब 15 हजार क्यूसेक तथा गंगरेल बांध से भी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। इसके कारण पैरी और महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ गया है। बुधवार शाम चार बजे के बाद महानदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा और कुछ ही घंटों में निचली बस्तियों में घुस गया।
इन वार्डों में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर वार्ड क्रमांक 15 (इंदिरा मार्केट, देवार पारा, बंगानी निवास के पीछे का क्षेत्र), वार्ड क्रमांक 16 (सोमवारी बाजार), वार्ड क्रमांक 17 (तिरंगा चौक) तथा वार्ड क्रमांक 18 के कई मोहल्लों में देखने को मिला।
कई घरों में पानी भर जाने के बाद लोग अपने जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल पड़े।
राहत शिविर तैयार, हाई स्कूल भवन भी रखा गया रिजर्व
प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन ने सोमवारी बाजार और कृषि उपज मंडी में अस्थायी रूप से रूकवाने की व्यवस्था की गई है। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो हाई स्कूल भवन को भी राहत शिविर के रूप में शुरू करने की तैयारी कर ली गई है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने संभाला मोर्चा
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष ओमकुमारी-संजय साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष नागेंद्र वर्मा, पार्षद निर्मला-धीरज साहू, नम्मुनारायण ध्रुव, सीएमओ लवकेश कुमार पैकरा तथा नगर पालिका की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत व्यवस्था का निरीक्षण किया और आवश्यक सहायता का भरोसा दिलाया।

नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बताया कि अभी बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राशन सामाग्री पहुंचाई जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट, घर-घर पहुंच रही मेडिकल टीम
बाढ़ के बाद संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गोबरा नवापारा की टीम भी सक्रिय हो गई है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजेन्द्र साहू के नेतृत्व में स्वास्थ्य दल ने बाढ़ प्रभावित बस्तियों का निरीक्षण कर लोगों की स्वास्थ्य जांच की।

स्वास्थ्य टीम ने प्रभावित परिवारों को ओआरएस, जिंक टैबलेट और पैरासिटामोल का वितरण किया तथा दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। लोगों को उबला या स्वच्छ पानी पीने, भोजन ढंककर रखने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी गई। डॉ. तेजेन्द्र साहू ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो वह तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में संपर्क करें।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी, नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अफवाहों पर विश्वास न करें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें और राहत कार्यों में प्रशासन का सहयोग करें।
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