धमतरी। लगातार हो रही बारिश के कारण गंगरेल बांध के कैचमेंट एरिया में भारी जलभराव हो रहा है। वर्तमान में बांध में 30,150 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की जा रही है, जबकि जिले के चारों प्रमुख बांध लबालब हो गए हैं। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध प्रबंधन ने 11 सितंबर को गंगरेल बांध से 53 हजार क्यूसेक पानी रूद्री बैराज से महानदी में छोड़ा गया।
की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक 11 सितंबर 2026 की रात 12 बजे गंगरेल जलाशय में 96.17 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। बांध में करीब 52750 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। लगातार बढ़ती आवक और आगामी वर्षा की संभावना को देखते हुए गंगरेल बांध से करीब 53 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे महानदी के जलप्रवाह में बढ़ोतरी की संभावना है। जिला प्रशासन ने महानदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
गंगरेल से करीब 53 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
जिला प्रशासन के मुताबिक जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए गंगरेल बांध से लगभग 53000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से करीब 5000 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के माध्यम से महानदी मुख्य नहर में छोड़ा जा रहा है, जबकि करीब 48000 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जलभराव की स्थित को देखते हुए पानी छोड़ने की मात्रा आगे भी बढ़ाई जा सकती है।
गंगरेल के साथ दूसरे जलाशय भी तेजी से भर रहे
जिला प्रशासन के अनुसार गंगरेल जलाशय 96.17 प्रतिशत भर गया है। इसी प्रकार मुरुमसिल्ली जलाशय 100 प्रतिशत, दुधावा जलाशय 92.44 प्रतिशत, सोंढूर जलाशय 73.25 प्रतिशत जलभराव है।
महानदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट
गंगरेल से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी में जलप्रवाह बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी, नाले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप न जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से नदी-नालों से दूर रखने की सलाह दी गई है।
VIDEO
सबसे तेज़ और विश्वसनीय खबरें पाने के लिए Khabar Vistar WhatsApp Channel फॉलो करें।
https://whatsapp.com/channel/0029VbDAob79hXF37X9TD01p






