धमतरी। जिले में बीते 24 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश का असर अब जिले के प्रमुख जलाशयों पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार हो रही बारिश और कैचमेंट एरिया से भारी आवक के चलते माडमसिल्ली जलाशय 100 प्रतिशत भर चुका है, जबकि रविशंकर सागर (गंगरेल) बांध का जलभराव 93.35 प्रतिशत तक पहुंच गया है। गंगरेल में इस समय करीब 9,844 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की जा रही है।
जलस्तर और आवक को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर गंगरेल बांध से पानी छोड़ा जा सकता है। जिला प्रशासन ने नदी-नालों और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा जलभराव एवं तेज बहाव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की है।
माडमसिल्ली बांध हुआ 100 प्रतिशत फुल
जिले के ऐतिहासिक माडमसिल्ली जलाशय पूरी तरह लबालब हो चुका है। 31 अगस्त की सुबह 8 बजे तक बांध का जलभराव 100 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि इसमें करीब 3,836 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है।
जलस्तर बढ़ने के साथ ही माडमसिल्ली बांध का ऑटोमैटिक सायफन सिस्टम सक्रिय होकर अतिरिक्त पानी की निकासी कर रहा है। ब्रिटिश काल में निर्मित यह बांध अपनी विशेष सायफन तकनीक के लिए जाना जाता है। जलस्तर निर्धारित सीमा तक पहुंचने पर यह प्रणाली पानी के दबाव और एयर प्रेशर के आधार पर स्वतः काम करती है।
सायफन से पानी निकलने का नजारा बना आकर्षण
माडमसिल्ली बांध से तेज रफ्तार में पानी निकलने का नजारा लोगों को आकर्षित कर रहा है। आसपास के क्षेत्रों के साथ ही दूर-दराज से भी लोग बांध का नजारा देखने पहुंच रहे हैं। लबालब जलाशय, तेज बहती जलधारा और चारों ओर हरियाली के कारण माडमसिल्ली इन दिनों बेहद खूबसूरत नजर आ रहा है।
हालांकि तेज बहाव को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने लोगों से जोखिम वाले स्थानों पर जाकर सेल्फी, फोटो या वीडियो बनाने से बचने की अपील की है।
गंगरेल में 9,844 क्यूसेक पानी की आवक
धमतरी के सबसे महत्वपूर्ण जलाशयों में शामिल रविशंकर सागर (गंगरेल) में भी लगातार पानी की आवक बनी हुई है। 31 अगस्त सुबह 8 बजे तक गंगरेल का जलभराव 93.35 प्रतिशत पहुंच गया है। बांध में इस समय 9,844 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है।
जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति में बांध से पानी छोड़ने की आवश्यकता पड़ सकती है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। गंगरेल से पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले क्षेत्रों में नदी का जलस्तर बढ़ सकता है।
दूधावा और सोंढूर में भी बढ़ा जलस्तर
बारिश का असर जिले के दूसरे प्रमुख जलाशयों पर भी पड़ा है। दूधावा जलाशय 82.86 प्रतिशत भर चुका है और यहां करीब 807 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। वहीं सोंढूर जलाशय 68.78 प्रतिशत भर चुका है, जहां करीब 595 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। कैचमेंट एरिया में बारिश जारी रहने से आने वाले घंटों में इन जलाशयों का जलस्तर और बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट
बांधों में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी, नाले, पुल-पुलिया और बांध के तेज बहाव वाले हिस्सों के पास जाने से बचें।
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