धमतरी। धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के नगरी, मगरलोड, कुरूद और धमतरी विकासखंडों में नदी-नाले (गंगरेल बांध) उफान पर हैं, जबकि कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूट गया है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय कर दिया गया है।
गंगरेल बांध से छोड़ा गया 20 हजार क्यूसेक पानी
लगातार हो रही बारिश के कारण गंगरेल बांध के कैचमेंट एरिया में भारी जलभराव हो रहा है। वर्तमान में बांध में 30,150 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की जा रही है, जबकि जिले के चारों प्रमुख बांधों में कुल 34 टीएमसी जल संग्रहण हो चुका है।
बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध प्रबंधन ने गुरुवार को गंगरेल बांध से 20 हजार क्यूसेक पानी रूद्री बैराज से महानदी में छोड़ा गया। इसके अलावा सोंढूर बांध से 1,000 क्यूसेक और दुधावा बांध से 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
गंगरेल से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी और उससे जुड़े निचले क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने नदी किनारे पड़ने वालों गांवों के लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
कुरूद-मेघा संपर्क टूटा, बहते पानी में जान जोखिम में डाल रहे लोग

लगातार बारिश के कारण कुरूद-मेघा मार्ग पर बने एनीकट के ऊपर तीन फीट से ऊपर पानी बहने से दोनों क्षेत्रों का संपर्क पूरी तरह टूट गया। वहीं खतरे के बावजूद कई बाइक सवार बहते पानी के बीच एनीकट पार करते नजर आए। प्रशासन ने इसे बेहद जोखिमपूर्ण बताते हुए लोगों से जलमग्न पुल-पुलियों और एनीकट को पार नहीं करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
प्रशासन लगातार कर रही निगरानी
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है।
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