Shyam Agrawal
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जलाशय
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कोरबा। जिले के मिनीमाता बांगो जलाशय में लगातार बारिश के चलते जलभराव तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में जलाशय का जलभराव 89.55 प्रतिशत तक पहुंच गया है। पानी की आवक यदि इसी तरह बढ़ती रही तो मिनीमाता बांगो बांध के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं, जिसके बाद हसदेव नदी में पानी छोड़ा जाएगा। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने नदी किनारे और संभावित बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है।

मिनीमाता हसदेव बांगो बांध संभाग क्रमांक-03 माचाडोली के कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती के अनुसार वर्षाकाल 2026 के दौरान आवश्यकता पड़ने पर माचाडोली स्थित बांध से हसदेव नदी में पानी प्रवाहित किया जाएगा। जलाशय में लगातार पानी की आवक बढ़ने की स्थिति में बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा सकता है। ऐसे में हसदेव नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की संभावना को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बाढ़ क्षेत्र से परिसंपत्तियां सुरक्षित स्थान पर ले जाएं

जल संसाधन विभाग ने बांध के नीचे और हसदेव नदी के किनारे बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल संपत्तियों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाने की सूचना जारी की है। बाढ़ क्षेत्र में संचालित खनिज खदानों, औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों को भी अपनी मशीनरी, उपकरण और अन्य परिसंपत्तियां बाढ़ क्षेत्र से बाहर सुरक्षित स्थान पर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अचानक बाढ़ आने से होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए जल संसाधन विभाग उत्तरदायी नहीं होगा।

प्रभावित गांवों में मुनादी के निर्देश

संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ क्षेत्र में आने वाले गांवों में बाढ़ चेतावनी की मुनादी कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। ग्रामीणों से नदी और निचले इलाकों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने तथा प्रशासन की चेतावनी का पालन करने की अपील की गई है।

इन गांवों में विशेष सतर्कता

जल संसाधन विभाग के अनुसार संभावित बाढ़ क्षेत्र में बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडांड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा और सिरकीकला सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं।

प्रशासन की अपील

बांगो जलाशय में जलभराव 89.55 प्रतिशत पहुंचने के बाद स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ऐसे में हसदेव नदी और उसके आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील है कि सावधानी बरतें, नदी के किनारे जाने से बचें और पानी छोड़े जाने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का तत्काल पालन करें।

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By Yuvraj Sahu

Yuvraj Sahu Editor – Khabar Vistar युवराज साहू (Yuvraj Sahu) खबर विस्तार (Khabar Vistar) के संपादक हैं। वे छत्तीसगढ़ की स्थानीय, प्रशासनिक, अपराध, शिक्षा एवं जनहित से जुड़ी खबरों का निष्पक्ष और तथ्यपरक कवरेज करते हैं।

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