गरियाबंद। जिले के वन परिक्षेत्र पाण्डुका में वनरक्षक के पद पर पदस्थ कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वनरक्षक अपने शासकीय आवास में अकेले रहते थे। सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को सूचना दी गई। दरवाजा खोलकर देखा गया तो वे बिस्तर पर बेसुध पड़े थे। उन्हें तत्काल शासकीय अस्पताल छुरा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मामला छुरा थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के अनुसार, मृतक वनरक्षक की पहचान डिगेश्वर सिंह ठाकुर के रूप में हुई है। वे वन परिक्षेत्र पाण्डुका के तालेसर में वनरक्षक के पद पर पदस्थ थे और गायडबरी स्थित शासकीय आवास में रह रहे थे।
रात में खाना खाकर सोने गए थे
जानकारी के अनुसार, डिगेश्वर सिंह ठाकुर 19 अगस्त की रात करीब 9 बजे खाना खाने के बाद अपने शासकीय आवास में सोने चले गए थे। अगले दिन 20 अगस्त की सुबह काफी देर तक उनके आवास का दरवाजा नहीं खुला। इस पर वनरक्षक राहुल श्रीवास ने उनके बड़े भाई गीतमचंद ठाकुर को फोन कर मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही गीतमचंद ठाकुर अपने साथ लक्ष्मीकांत ठाकुर और कीर्तन ठाकुर को लेकर गायडबरी स्थित शासकीय आवास पहुंचे।
दरवाजा खोलने पर बिस्तर पर बेसुध मिले
परिजनों ने आवास पहुंचकर काफी देर तक आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद दरवाजा खोला गया तो डिगेश्वर सिंह ठाकुर बिस्तर पर बेसुध पड़े मिले। उनके शरीर में किसी तरह की हलचल नहीं थी। परिजन और आसपास मौजूद लोग उन्हें तत्काल शासकीय अस्पताल छुरा लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कई दिनों से खराब चल रही थी तबीयत
बताया जा रहा है कि डिगेश्वर सिंह ठाकुर की तबीयत पिछले कई दिनों से खराब चल रही थी। इसके बावजूद वे अपनी विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। इसी बीच शासकीय आवास में अचानक उनकी मौत होने से परिजन और वन विभाग के कर्मचारी स्तब्ध हैं। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। बीमारी के बीच ड्यूटी करने और इसके बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ने की परिस्थितियों को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा घटनास्थल और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही वनरक्षक डिगेश्वर सिंह ठाकुर की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। वनरक्षक की असमय मौत से उनके परिवार में शोक का माहौल है। वहीं वन विभाग के कर्मचारियों ने भी उनके निधन पर दुख जताया है।
छुरा से किशन सिन्हा की रिपोर्ट
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