Shyam Agrawal
previous arrow
next arrow
Sugar Price Hike
Spread the love

देश में चीनी (sugar) के दाम इन दिनों तेजी से बढ़ रहे हैं। अगस्त महीने में चीनी की कीमतों में आई तेजी ने आम उपभोक्ताओं से लेकर मिठाई कारोबारियों और खाद्य उद्योग तक की चिंता बढ़ा दी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार कुछ बाजारों में खुदरा चीनी का भाव करीब 52 प्रति किलो से बढ़कर 62-65 के आसपास पहुंच गया है, जबकि कुछ जगहों पर कीमत 70 प्रति किलो तक बताई जा रही है।

Sugar Price Hike: चीनी के थोक और मिल स्तर के भाव में भी तेज उछाल देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश में एक्स-फैक्ट्री कीमत 5,400 प्रति क्विंटल से ऊपर और थोक कीमत करीब 5,800 प्रति क्विंटल तक पहुंचने की रिपोर्ट है। महाराष्ट्र में भी मिल स्तर पर कीमतें 5,400-₹5,560 प्रति क्विंटल के आसपास बताई जा रही हैं।

क्यों बढ़ रहे हैं चीनी के दाम?

Sugar Price HikeSugar Price Hike: चीनी की कीमतों में उछाल के पीछे कई कारण सामने आएं हैं। सबसे बड़ा कारण घरेलू उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक को लेकर चिंता है। उत्पादन में कमजोरी की आशंका के बीच बाजार में उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है। इसके साथ ही त्योहारी सीजन नजदीक आने के कारण चीनी की मांग बढ़ने लगी है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि कम स्टॉक, कमजोर उत्पादन अनुमान और त्योहारी मांग के कारण कीमतों पर निकट अवधि में दबाव बना रह सकता है।

गन्ने का एथेनॉल में बढ़ता इस्तेमाल भी अहम वजह

Sugar Price Hike:चीनी की मौजूदा कहानी में एथेनॉल का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। गन्ने और उससे बने उत्पादों का एक हिस्सा एथेनॉल उत्पादन की ओर जाने से चीनी बनाने के लिए उपलब्ध गन्ने पर असर पड़ता है। भारत में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की नीति के चलते गन्ने के वैकल्पिक इस्तेमाल का महत्व काफी बढ़ गया है। इसी वजह से सरकार अगले सीजन में एथेनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल को सीमित करने पर विचार कर रही है, ताकि अधिक गन्ना चीनी उत्पादन के लिए उपलब्ध हो सके और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाई जा सके।

त्योहारों से पहले बढ़ी मांग

Sugar Price Hike: अगले कुछ सप्ताह में रक्षाबंधन समेत कई त्योहारों और इसके बाद आने वाले त्योहारी सीजन के कारण चीनी की खपत बढ़ने की संभावना है। मिठाई, बेकरी, डेयरी, पेय पदार्थ और घरों में बनने वाले पकवानों में चीनी की मांग बढ़ती है। यही वजह है कि बाजार में त्योहारी मांग को कीमतों में तेजी का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।

सरकार ने उठाए बड़े कदम

Sugar Price Hike: बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। यह आयात 31 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकेगा, यानी त्योहारी सीजन में घरेलू बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराने की कोशिश है। करीब एक दशक बाद भारत ने घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए इस तरह के बड़े पैमाने पर चीनी आयात की अनुमति दी है।

Sugar Price Hikeसरकार ने इसके अलावा थोक चीनी उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा भी घटाकर 30 दिन से 15 दिन कर दी है। इसका उद्देश्य जमाखोरी और कमी की आशंका को कम करना तथा बाजार में चीनी की नियमित उपलब्धता बनाए रखना है। चीनी मिलों की बिक्री से संबंधित जानकारी की निगरानी भी बढ़ाई गई है, ताकि बाजार में कीमतों और उपलब्धता पर नजर रखी जा सके।

चीनी का इस्तेमाल सिर्फ मिठास तक सीमित नहीं

Sugar Price Hike: चीनी का सबसे बड़ा इस्तेमाल घरेलू खाद्य पदार्थों और मिठाइयों में होता है। इसके अलावा इसका उपयोग मिठाई, बेकरी उत्पाद, चॉकलेट, आइसक्रीम, शीतल पेय, जूस, जैम, सॉस और कई प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में किया जाता है।

चीनी उद्योग से जुड़े उत्पादों का दायरा इससे भी बड़ा है। गन्ने से चीनी के अलावा शीरा (molasses), एथेनॉल, बगास और प्रेसमड जैसे उप-उत्पाद मिलते हैं। एथेनॉल का इस्तेमाल ईंधन में मिश्रण के लिए किया जा रहा है, जबकि बगास का इस्तेमाल कई चीनी मिलों में बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है।

गन्ने से बनने वाला गुड़ भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य बाजार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार के अनुसार देश के गन्ने के उत्पादन का करीब 20-30 प्रतिशत हिस्सा गुड़ बनाने में जाता है और भारत दुनिया का सबसे बड़ा गुड़ उत्पादक है।

उपभोक्ताओं को कितनी राहत मिलेगी?

Sugar Price Hike: फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि चीनी के दाम तुरंत पुराने स्तर पर लौट आएंगे। सरकार के कदमों से कीमतों में तेजी को रोकने की कोशिश जरूर होगी, लेकिन त्योहारी मांग, नई फसल की उपलब्धता और आयातित चीनी के बाजार में पहुंचने की गति महत्वपूर्ण रहेगी।

जानकारों के मुताबिक यदि आयातित चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और आगामी सीजन में चीनी उत्पादन बेहतर रहता है तो कीमतों में स्थिरता आ सकती है। दूसरी ओर उत्पादन अनुमान कमजोर रहा और मांग अपेक्षा से ज्यादा बढ़ी तो ऊंची कीमतों का दौर कुछ समय और जारी रह सकता है।

सबसे तेज़ और विश्वसनीय खबरें पाने के लिए Khabar Vistar WhatsApp Channel फॉलो करें।

https://whatsapp.com/channel/0029VbDAob79hXF37X9TD01p

यह खबर भी पढ़ें

साय कैबिनेट का बड़ा फैसला: 500 करोड़ का AI मिशन, BEML प्लांट, ग्रामीण सड़कें और बिजली कंपनी के बॉन्ड को मंजूरी

By Yuvraj Sahu

Yuvraj Sahu Editor – Khabar Vistar युवराज साहू (Yuvraj Sahu) खबर विस्तार (Khabar Vistar) के संपादक हैं। वे छत्तीसगढ़ की स्थानीय, प्रशासनिक, अपराध, शिक्षा एवं जनहित से जुड़ी खबरों का निष्पक्ष और तथ्यपरक कवरेज करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *