नवापारा। नगर पालिका परिषद गोबरा नवापारा में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत नंदिनी साहू के साथ सड़क हादसे के बाद रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। 8 अक्टूबर 2025 को हुए सड़क हादसे में नंदिनी का बायां पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। लंबे उपचार के बाद जब वह स्वस्थ होकर दोबारा काम पर लौटना चाहती थी और इसके लिए नगर पालिका में आवेदन किया, तो उसके मुताबिक उसे काम पर वापस नहीं लिया गया।
हादसे के बाद स्थायी रूप से दिव्यांग हुई नंदिनी का आरोप है कि उसे नौकरी से बाहर कर दिया गया और उसके वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया। ऐसे में जिस महिला के लिए हादसे के बाद जिंदगी पहले ही मुश्किल हो चुकी है, उसके सामने अब रोजगार और परिवार के भरण-पोषण का दोहरा संकट खड़ा हो गया है।
हादसे के बाद बढ़ी मुश्किलें
नंदिनी साहू के अनुसार वह नगर पालिका में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत थी और सुपरवाइजर का काम भी करती थी। इसी रोजगार से वह अपने परिवार का पालन-पोषण करती थी। हादसे में पैर स्थायी रूप से खराब होने के बाद उसे उम्मीद थी कि नगर पालिका उसकी स्थिति को देखते हुए काम पर वापस लेगी और उसके लिए उपयुक्त कार्य की व्यवस्था करेगी।
लेकिन उसका कहना है कि उपचार के बाद काम पर लौटने के लिए आवेदन देने के बावजूद उसे रोजगार नहीं मिला। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
जगह पर दूसरे को रखने का आरोप
आरोप है कि उसके हादसे के बाद उसकी जगह सत्ताधारी दल के पूर्व पार्षद की बहू को सफाई कार्य में रखा गया। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि यह आरोप सही है तो मामला कई सवाल खड़े करता है कि ड्यूटी के दौरान हादसे में दिव्यांग हुई कर्मचारी के पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था करने के बजाय उसकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को रखने का आधार क्या था? क्या नंदिनी की स्थिति को देखते हुए उसे कोई वैकल्पिक कार्य दिया जा सकता था?
स्वच्छता दीदियों के संगठन ने उठाई आवाज
मामले की जानकारी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ स्वच्छता दीदी/महिला-पुरुष महासंघ की प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मला मैथ्यू, जिला अध्यक्ष वर्षा साहू और जिला सदस्य संतोष बारले नगर पालिका पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने नंदिनी साहू की स्थिति को लेकर सीएमओ से चर्चा की। संगठन ने नंदिनी को पुनः रोजगार देने, लंबित वेतन का भुगतान करने और उसके भविष्य को सुरक्षित करने की मांग रखी।
परिवार के भरण-पोषण का संकट
नंदिनी साहू गरीब परिवार से आती हैं और अपने सास-ससुर, पति एवं पुत्र के भरण-पोषण में सहयोग करती थीं। रोजगार छिन जाने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी सीधा असर पड़ा है। हादसे में पैर गंवाने के बाद अब रोजगार गंवाने की स्थिति ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ऐसे में नंदिनी अपने रोजगार और अधिकार के लिए नगर पालिका के चक्कर लगाने को मजबूर है।
अब पुनः रोजगार का आश्वासन
मामले में नगर पालिका के सीएमओ लवकेश पैकरा ने बताया कि नंदिनी साहू को लेकर चर्चा हो चुकी है और व्यवस्था बनाई जा रही है।
वहीं संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मला मैथ्यू ने बताया कि सीएमओ की ओर से आश्वासन दिया गया है कि नंदिनी को 1 अक्टूबर से प्लेसमेंट या कमांडो के रूप में ज्वाइनिंग कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि आश्वासन के अनुरूप व्यवस्था नहीं की गई तो संगठन आंदोलन करेगा और नगर पालिका का घेराव किया जाएगा।
इस दौरान कांग्रेस पार्षद दीपाली राजपूत, अर्जुन साहू, रामरतन निषाद, हेमंत साहनी और टिकेश्वर गिलहरे सहित संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
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