बालोद:- भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 1 जुलाई 2026 से लागू ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण’ के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत शनिवार को बालोद जिले के गुरूर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भेजामैदानी में वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी मौजूद रहे।
पौधों की नियमित देखाभाल की अपील
कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान की सराहना करते हुए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों से रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण तभी सफल माना जाएगा, जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर विकसित हों।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को क्षेत्र के विकास कार्यों से संबंधित आवेदन भी सौंपे। कलेक्टर ने उनकी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया कि भेजामैदानी में पहले 5 एकड़ भूमि पर वृक्षारोपण किया गया था, जिसमें वर्तमान में 760 पौधे जीवित हैं। अब इस अभियान के तहत 554 नए पौधे लगाए जाएंगे। इनमें आम, अमरूद, जामुन, कटहल सहित अन्य फलदार एवं उपयोगी पौधे शामिल हैं।
कार्यक्रम में एसडीएम आर.के. सोनकर, जनपद पंचायत गुरूर के सीईओ पन्नालाल ध्रुव, जनपद सदस्य कौशल्या चंद्रवंशी, सरपंच रूद्राणी नेताम, पंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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