नवापारा:- महानदी से अवैध रेत उत्खनन (Illegal sand mining) और परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रायपुर खनिज विभाग ने गुरुवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत माफियाओं पर शिकंजा कस दिया। विभाग की टीम ने ग्राम लखना और नवापारा क्षेत्र में छापेमारी कर 4 ट्रैक्टर और 2 हाईवा जब्त किए। सभी वाहनों को कानूनी कार्रवाई के लिए थाना गोबरा नवापारा के सुपुर्द कर दिया गया।
खनिज विभाग की यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर खनिज सुपरवाइजर डी.के. साहू के नेतृत्व में गठित टीम ने अंजाम दी। विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि लखना की महानदी और उससे लगे नर्सरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है।
रोज 40 ट्रैक्टरों से रेत निकालने का दावा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार पिछले एक माह से अधिक समय से प्रतिदिन करीब 40 ट्रैक्टर महानदी से अवैध रूप से रेत निकाल रहे थे। रेत को पहले अलग-अलग स्थानों पर भंडारित किया जाता था, फिर जेसीबी मशीनों से बड़े हाईवा वाहनों में भरकर विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जाता था।
पीट पास में गड़बड़ी, हाईवा जब्त
छापेमारी के दौरान खनिज विभाग ने हाईवा क्रमांक सीजी 04 पीके 7595 को पकड़ा। जांच में पाया गया कि वाहन 12 घनमीटर के पीट पास पर लगभग 16 चक्का डंपर से रेत का परिवहन कर रहा था। दस्तावेज और वाहन क्षमता में अंतर मिलने पर विभाग ने हाईवा को तत्काल जब्त कर लिया।
कार्रवाई के दौरान कई ट्रैक्टर चालक रेत से लदे वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गए। विभाग ने जब्त ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में लेकर थाना गोबरा नवापारा पहुंचाया। जब्त वाहनों में सीजी 04 एनजे 1520, सीजी 04 जीएफ 8982, सीजी 04 डीए 5065 सहित एक अन्य ट्रैक्टर शामिल है।
वाहन जब्त करने से नहीं रुकेगा रेत माफिया
कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि केवल ट्रैक्टर और हाईवा जब्त करने से अवैध रेत कारोबार पर स्थायी रोक नहीं लगेगी। उनका कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले मुख्य सरगनाओं, अवैध भंडारण करने वालों, परिवहनकर्ताओं और खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सूत्रों का यह भी दावा है कि कुछ दिन पहले खनिज विभाग ने अवैध रेत भंडारण को सील किया था, लेकिन बाद में उसी सील किए गए भंडारण से बिना अनुमति रेत निकालकर बेच दी गई। यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह विभागीय कार्रवाई की खुली अवहेलना मानी जाएगी।
वहीं, नर्सरी क्षेत्र में लगातार हो रही खुदाई से बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों के नष्ट होने और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचने का भी आरोप लगाया गया है। इसे लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्या मुख्य सरगनाओं तक पहुंचेगी जांच?
खनिज विभाग की इस कार्रवाई को लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच केवल जब्त वाहनों तक सीमित रहती है या फिर अवैध रेत कारोबार के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर मुख्य सरगनाओं तक भी कार्रवाई पहुंचती है।
नियमों की उड़ाई जा धज्जियां
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और पर्यावरण संरक्षण नियमों के अनुसार, मानसून सीजन के मद्देनजर 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों और तटबंध क्षेत्रों से रेत के उत्खनन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद, रायपुर, गरियाबंद और धमतरी जिले के कई ग्रामों में इस प्रतिबंध की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लखना, पितईबंद, चौबेबांधा, दुलना सहित कई गांवों में अवैध उत्खनन कर सैकड़ों हाइवा वाहनों से परिवहन किया जा रहा है।
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