राजिम। भारतीय जनता पार्टी संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 29 जुलाई 2026 (गुरु पूर्णिमा) से 20 फरवरी 2027 (रविदास जयंती) तक पूरे देश में ‘‘समरसता संकल्प अभियान’’ चलाएगी। अभियान का उद्देश्य गुरु रविदास महाराज के समता, सामाजिक न्याय, सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। यह जानकारी भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने बुधवार को राजिम में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
प्रेसवार्ता में राजिम विधायक रोहित साहू, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर, पूर्व जिला अध्यक्ष रामकुमार साहू, जिला महामंत्री चंद्रशेखर साहू, जिला मंत्री सुरेंद्र सोंटेके, जिला प्रवक्ता पारस ठाकुर, मंडल अध्यक्ष रिकेश साहू सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
गांव से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक होंगे विविध कार्यक्रम
इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने बताया कि अभियान राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला, मंडल और ग्राम स्तर तक व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित होगा। इसके माध्यम से सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ समाज में समानता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा।
अमित चिमनानी ने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान संत, समाज सुधारक और आध्यात्मिक चिंतक थे। उन्होंने जातिगत भेदभाव, ऊंच-नीच और सामाजिक विषमताओं के विरुद्ध आवाज उठाकर समानता, आत्मसम्मान और मानवता का संदेश दिया। उनका ‘‘बेगमपुरा’’ का दर्शन ऐसे समाज की परिकल्पना करता है, जहां किसी प्रकार का अन्याय, भेदभाव, शोषण या दुख न हो।
गुरु रविदास के विचारों से विकसित भारत का संकल्प
उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी क्रांति और अब्राहम लिंकन के स्वतंत्रता संबंधी विचारों से भी पहले गुरु रविदास महाराज ने सामाजिक समरसता और समानता की राह दिखाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ के संकल्प में भी गुरु रविदास महाराज के विचारों की स्पष्ट प्रेरणा दिखाई देती है।
प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि अभियान की शुरुआत 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ‘‘समरसता दीप महोत्सव’’ से होगी। इस दौरान देशभर के मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलन कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा। इसके अलावा कलश वंदन अभियान, संत संपर्क अभियान, छात्रावास संपर्क अभियान, समरसता गोष्ठियां, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा जैसे विविध आयोजन किए जाएंगे।
जालंधर से वाराणसी तक निकलेगी समरसता यात्रा
उन्होंने बताया कि वाराणसी स्थित गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर की पवित्र मिट्टी से भरे कलश देशभर के प्रदेश, जिला, मंडल और ग्राम स्तर तक पहुंचाए जाएंगे। वहीं 5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक डेरा सचखंड बल्लां (जालंधर) से सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) तक समरसता यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें संत सम्मेलन और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अमित चिमनानी ने सभी संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं तथा समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
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