राजिम:- धर्मनगरी राजिम में पुराने मेला स्थल को नए मेला स्थल से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क (Road Construction) का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि निर्माण कार्य के शुरुआती चरण में ही सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
Road Construction: जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण के प्रथम चरण में ‘सेलेक्टेड सॉइल’ (Selected Soil) से अर्थवर्क किया गया है। आरोप है कि इसके लिए राजिम स्थित शीतला तालाब से निकाली गई मिट्टी का उपयोग किया गया, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार वर्षों तक पानी में डूबी रहने वाली मिट्टी तकनीकी मानकों के अनुरूप ‘सेलेक्टेड सॉइल’ की श्रेणी में नहीं आती।
पहली बारिश में दिखा कटाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली ही बारिश में निर्माणाधीन सड़क की परतों में कटाव दिखाई देने लगा है। संगम स्थल के पास नदी तट पर किए गए अर्थवर्क में पानी के बहाव से मिट्टी बहने लगी, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल और गहरे हो गए हैं।
तालाब गहरीकरण के बदले मिट्टी लेने का आरोप
सूत्रों के अनुसार, निर्माणाधीन सड़क के समीप स्थित शीतला तालाब का नगर पालिका गहरीकरण कराना चाहती थी, लेकिन इसके लिए किसी सरकारी मद में राशि उपलब्ध नहीं थी। आरोप है कि सड़क निर्माण ठेकेदार को तालाब से मिट्टी लेने की अनुमति देने के बदले दो पचरी (रैंप) निर्माण कराने का समझौता किया गया।
Road Construction: मिट्टी निकासी के दौरान तालाब को 20 फीट से अधिक गहरा किए जाने का भी आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई, जिसके चलते एक ओर तालाब का गहरीकरण हो गया, वहीं दूसरी ओर सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर दिखाई देने लगा है।
जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे पाए स्पष्ट जवाब
Road Construction: मामले में नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) संतोष विश्वकर्मा ने इसे जनप्रतिनिधियों के निर्णय से जुड़ा विषय बताया। वहीं, लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के पालन को लेकर सवाल और बढ़ गए हैं।
जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों ने सड़क निर्माण कार्य में उपयोग की गई मिट्टी की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के पालन और तालाब से मिट्टी निकासी की अनुमति प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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