Shyam Agrawal
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IGKV में B.Sc.एग्रीकल्चर का पेपर लीक
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में B.Sc.एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की परीक्षा को लेकर गुरुवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) के प्रश्नपत्र के परीक्षा से पहले सोशल मीडिया और WhatsApp पर प्रसारित होने की शिकायत ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित परीक्षा रद्द कर दी और मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।

परीक्षा शुरू होने से पहले WhatsApp पर पहुंचा पेपर

IGKV में B.Sc.एग्रीकल्चर का पेपर लीकजानकारी के मुताबिक B.Sc. कृषि द्वितीय वर्ष के AENT-221 – Pest Management in Crops and Stored Grains-I (Rabi Crops) विषय की परीक्षा गुरुवार सुबह 10 बजे आयोजित होनी थी। इसी बीच परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के WhatsApp पर प्रसारित होने की शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंची।

शुरुआती जानकारी में परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई। हालांकि, IGKV विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक इसे वास्तविक प्रश्नपत्र का लीक होना प्रमाणित नहीं माना है।

विश्वविद्यालय में मचा हड़कंप

IGKV विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक के अनुसार, परीक्षा नियंत्रक को सुबह प्रश्नपत्र लीक होने से संबंधित एक ई-मेल प्राप्त हुआ था। उनका कहना है कि ई-मेल भेजने वाला व्यक्ति छात्र नहीं, बल्कि बाहरी व्यक्ति था। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित की। प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों के हित को देखते हुए परीक्षा संबंधी निर्णय तत्काल लिया गया।

वायरल पेपर असली था या AI से तैयार?

मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि WhatsApp पर प्रसारित प्रश्नपत्र को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। IGKV विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक प्रारंभिक जांच में वायरल पेपर और वास्तविक प्रश्नपत्र में अंतर पाया गया है। कुलसचिव ने दावा किया कि वायरल किया गया पेपर AI जनरेटेड है और उसमें वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्र से अलग कंटेंट है।

वहीं, दूसरी ओर विद्यार्थियों और शिकायतकर्ताओं की ओर से प्रश्नपत्र के बड़ी संख्या में प्रश्न वास्तविक पेपर से मिलते-जुलते होने का दावा किया गया है। ऐसे में अब जांच समिति के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि WhatsApp पर वायरल हुआ प्रश्नपत्र आखिर कहां से आया और उसमें वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों से इतनी समानता कैसे आई?

IGKV में B.Sc.एग्रीकल्चर का पेपर लीकIGKV विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार संबंधित प्रश्नपत्र रायपुर में तैयार किया जाता है और संबद्ध महाविद्यालयों को भेजा जाता है। इसी पूरी प्रक्रिया की जांच अब समिति करेगी।

जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कथित वायरल प्रश्नपत्र का स्रोत क्या था, वह सबसे पहले किसके पास पहुंचा और WhatsApp पर किसने प्रसारित किया। यदि किसी स्तर पर प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

परीक्षा रद्द, अब नई तारीख का इंतजार

IGKV में B.Sc.एग्रीकल्चर का पेपर लीकशिकायत के बाद संबंधित परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। IGKV विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस विषय की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा की तारीख अलग से जारी की जाएगी। उपलब्ध परिपत्र के अनुसार परीक्षा सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।

छात्रों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग

प्रश्नपत्र वायरल होने की खबर से विद्यार्थियों में नाराजगी देखने को मिली। छात्रों का कहना है कि यदि परीक्षा से पहले किसी प्रश्नपत्र की जानकारी कुछ विद्यार्थियों तक पहुंचती है, तो मेहनत से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय होगा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी कुलपति को शिकायत पत्र सौंपकर परीक्षा रद्द करने, उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस ने साधा निशाना

प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने इसे गंभीर और चिंताजनक बताते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के बाहर पहुंचने की शिकायत से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

CM साय बोले- दोषी मिले तो होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इसे गंभीरता ले लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द कर जांच समिति गठित की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

FIR और जांच के निर्देश

IGKV प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश पर FIR दर्ज कर 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। परीक्षा शुरू होने से पहले सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया।

मंत्री श्री नेताम ने स्पष्ट कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के भविष्य से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी एवं नियमानुसार कार्रवाई होगी। निरस्त परीक्षा की नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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By Yuvraj Sahu

Yuvraj Sahu Editor – Khabar Vistar युवराज साहू (Yuvraj Sahu) खबर विस्तार (Khabar Vistar) के संपादक हैं। वे छत्तीसगढ़ की स्थानीय, प्रशासनिक, अपराध, शिक्षा एवं जनहित से जुड़ी खबरों का निष्पक्ष और तथ्यपरक कवरेज करते हैं।

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