रायपुर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही चक्रवाती तूफान Cyclone के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम बिगड़ने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 28 और 29 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश तथा तेज हवाएं चल सकती हैं।
संभावित प्राकृतिक आपदा को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जनजीवन प्रभावित होने की आशंका के बीच विभिन्न विभागों को सतर्क रहने, राहत एवं बचाव की तैयारियां दुरुस्त रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कई जिलों में प्रशासन अलर्ट
चक्रवाती तूफान Cyclone के संभावित प्रभाव को देखते हुए बस्तर, गरियाबंद, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्रशासन ने एहतियाती तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों को राजस्व, स्वास्थ्य, बिजली, लोक निर्माण, जल संसाधन, नगरीय निकाय और पंचायत विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारियों को निगरानी बनाए रखने और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश भी दिए हैं। तेज बारिश Cyclone के कारण जलभराव, सड़क बाधित होने, पेड़ गिरने तथा बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने को कहा गया है।
कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
Cyclone खराब मौसम और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ जिलों में स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। नारायणपुर जिले में 28 और 29 अक्टूबर को सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में दो दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कोंडागांव और दंतेवाड़ा जिलों में 28 अक्टूबर को विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। इन जिलों में जारी आदेशों के अनुसार अवकाश की अलग-अलग शर्तें लागू हैं।
गंगरेल से छोड़ा जा सकता है अतिरिक्त पानी
Cyclone संभावित भारी बारिश को देखते हुए बांधों, जलाशयों और नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। धमतरी जिले में रविशंकर सागर बांध यानी गंगरेल जलाशय में पानी की आवक बढ़ने और जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की संभावना जताई गई है।
27 अक्टूबर की सुबह 7 बजे उपलब्ध जानकारी के अनुसार गंगरेल बांध का जलस्तर 345.03 मीटर दर्ज किया गया था। जलग्रहण क्षेत्र में बारिश के कारण पानी की आवक बढ़ने पर जलाशय से अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा सकता है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जलाशयों से पानी छोड़ने की स्थिति में संबंधित क्षेत्रों में चेतावनी और सुरक्षा संबंधी निर्देशों पर ध्यान देना जरूरी है। नागरिकों को नदी-नालों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले स्थानों के पास जाने से बचने की अपील की गई है।
बस्तर में राहत शिविर तैयार, बचाव दल तैनात
Cyclone बस्तर जिले में संभावित बारिश और बाढ़ की आशंका को देखते हुए विशेष बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे संचालित रहेगा। इंद्रावती, मार्कण्डी और नारंगी नदियों के तटीय तथा निचले इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है।
Cyclone संभावित प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 18 से अधिक शासकीय विद्यालयों, सामाजिक भवनों और अन्य भवनों को राहत शिविर के रूप में तैयार रखा गया है। नगर सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की सहायता से राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने की तैयारी की गई है।
बस्तर जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष का संपर्क नंबर 07782-223122 जारी किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह
संभावित बारिश Cyclone से कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए किसानों को धान की कटाई फिलहाल स्थगित रखने, पहले से काटी गई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित किसान फसल नुकसान की सूचना देने और बीमा संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए कृषि रक्षक हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। किसानों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर फसल क्षति की सूचना देने की सलाह दी गई है।
अफवाहों से बचने अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम Cyclone के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। उफनते नदी-नालों और जलमग्न सड़कों को पार करने का प्रयास न करें। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर भवनों से दूर रहें।
प्रशासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयार रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मौसम की स्थिति को देखते हुए नागरिकों से आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है।
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