नवापारा-राजिम। सरकारी योजनाओं के तहत ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना संचालित की गई, लेकिन जमीनी स्तर पर मजदूरों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भेंडरी में मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य करने वाले करीब 200 मजदूर पिछले पांच महीनों से मजदूरी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत भेंडरी में मनरेगा योजना के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य कराया गया था। इस कार्य में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मेहनत-मजदूरी कर अपना योगदान दिया। काम किए करीब पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मजदूरों के खातों में उनकी मेहनत की राशि नहीं पहुंची है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने पूरी लगन से काम किया, लेकिन मेहनत का पैसा नहीं मिलने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
त्योहार सामने, खाली हाथ मजदूरों की बढ़ी परेशानी
दीपावली जैसे बड़े त्योहार के नजदीक होने के कारण मजदूरों की चिंता और बढ़ गई है। त्योहार के समय घरों में जरूरी सामान खरीदने, बच्चों के लिए कपड़े लेने, मिठाई और अन्य घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। ऐसे में पांच महीने से मजदूरी नहीं मिलने के कारण ग्रामीण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
मजदूरों का कहना है कि मनरेगा के तहत काम करने का उद्देश्य ही जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आर्थिक सहारा देना है, लेकिन जब मेहनत करने के बाद भी समय पर भुगतान नहीं मिलता तो योजना का लाभ आखिर किस तरह मिलेगा?
करीब 200 मजदूरों की मेहनत की राशि अटकी
इस मामले में करीब 200 ग्रामीणों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। इन सभी मजदूरों को अपने मेहनताने का इंतजार है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर लंबित मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की है।
रोजगार सहायिका सोहद्रा निषाद ने बताया कि करीब 6 दिनों के काम का भुगतान फंड नहीं आने के कारण रूका हुआ है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। फंड आने के बाद भुगतान किया जाएगा।
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