Shyam Agrawal
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धनेंद्र साहू ने सरकार को घेरा
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नवापारा-राजिम। अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में आई बाढ़ के बाद राहत और मुआवजा वितरण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू ने साय सरकार और स्थानीय प्रशासन की राहत व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाते हुए बाढ़ प्रभावितों को लेकर समान राहत नीति की मांग की है।

बुधवार को आयोजित प्रेस कॉम्प्रेस में धनेंद्र साहू ने कहा है कि जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है, तो अभनपुर सहित प्रदेश के अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के परिवारों के साथ अलग व्यवस्था क्यों?

गंगरेल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप

पूर्व मंत्री श्री साहू ने गंगरेल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा गया कि जलाशय से पानी को एक साथ भारी मात्रा में नदी में छोड़ने के बजाय चरणबद्ध और नियंत्रित तरीके से छोड़ा जाना चाहिए था। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में गंगरेल से पानी की निकासी को पहले से नियोजित करते हुए कुछ मात्रा महानदी में और शेष पानी को अलग-अलग नहरों एवं जल निकासी माध्यमों में क्रमशः छोड़ा जाता, तो नदी में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह की स्थिति को कम किया जा सकता था।

एक प्रदेश, दो राहत व्यवस्था क्यों?

धनेंद्र साहू का सरकार पर हमलाधनेंद्र साहू ने कहा है कि अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के अनेक गांव महानदी और खारून नदी की बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। नवापारा शहर में लगभग 1000 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए, जबकि क्षेत्र के कई गांवों में भी जनजीवन प्रभावित हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बस्तर के बाढ़ प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 हजार रुपए की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है, तो अभनपुर विधानसभा क्षेत्र और प्रदेश के अन्य बाढ़ प्रभावित परिवारों को भी समान आधार पर यह सहायता मिलनी चाहिए।

धनेंद्र साहू ने कहा कि आपदा राहत में क्षेत्र के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और वास्तविक रूप से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक सहायता पहुंचनी चाहिए।

नवापारा में घरों में घुसा पानी, दस्तावेज और घरेलू सामान खराब

धनेंद्र साहू ने बताया कि बाढ़ के दौरान नवापारा सहित प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के घरों में पानी घुसने से राशन, घरेलू सामान और जरूरी दस्तावेज भीगकर खराब हुए, जबकि किसानों के खेतों में पानी भरने से फसलें प्रभावित हुईं। कई परिवारों के सामने आर्थिक नुकसान के साथ रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हुआ।

महानदी बाढ़ Mahanadi Flood Nawapara (10)उन्होंने मांग की कि केवल औपचारिक सर्वे के बजाय प्रत्येक प्रभावित परिवार के नुकसान का मौके पर जाकर वास्तविक आकलन किया जाए। किसानों की फसल, पशुधन, मकान, घरेलू सामान और अन्य संपत्ति के नुकसान को सर्वे में शामिल कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाए।

राहत शिविर नहीं लगाने का आरोप, स्वयंसेवी संस्थाओं ने संभाला मोर्चा

पूर्व मंत्री ने प्रशासन की राहत व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बाढ़ के दौरान प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त राहत शिविर, भोजन, पेयजल और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था नहीं की गई, जबकि कई सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने आगे आकर प्रभावित लोगों की मदद की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने की होती है।

रेस्क्यू व्यवस्था पर सवाल

कॉम्प्रेस में धनेंद्र साहू ने बताया कि नवापारा की पार्षद दीपाली राजपूत स्वयं बाढ़ में फंसी थीं और उनके सामने से रेस्क्यू टीम गुजरी। साहू का दावा है कि मदद के लिए आवाज देने के बावजूद उन्हें वहां से नहीं निकाला गया।

सिर्फ 11 नवापारा और 2 दुलना परिवारों को 5-5 हजार

धनेंद्र साहू ने बताया कि 26 सितंबर को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे कर 13 परिवारों को तत्कालिक सहायता राशि के रूप में चेक प्रदान की गई, जबकि नवापारा में करीब एक हजार परिवार प्रभावित हुए है, तो राहत का दायरा इतने कम परिवारों तक सीमित क्यों है?

नुकसान का पूरा सर्वे और अतिरिक्त मुआवजे की मांग

धनेंद्र साहू ने प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों द्वारा बताई गई प्रत्येक क्षति को पंचनामा और सर्वे रिपोर्ट में दर्ज किया जाए। उन्होंने पटवारियों एवं राजस्व अधिकारियों को वास्तविक नुकसान का आकलन सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की है, ताकि कोई भी वास्तविक क्षति सर्वे से बाहर न रह जाए। उन्होंने कहा कि नुकसान का पूरा आकलन हुए बिना प्रभावित परिवारों को उचित राहत और मुआवजा मिलना मुश्किल है।

ये रहे मौजूद

धनेंद्र साहू का सरकार पर हमलाइस अवसर पर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष धनराज मध्यानी, पूर्व उपाध्यक्ष जीत सिंग, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सौरभ शर्मा, नवापारा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामा यादव, ब्लॉक महामंत्री सुरेंद्र साहू, चंद्रहास साहू, पार्षद अजय साहू, अर्जुन साहू, रामरतन निषाद, टिकेश्वर गिलहरे, तरूण कंसारी, हेमंत साहनी, दीपाली राजपूत आदि मौजूद थे।

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By Yuvraj Sahu

Yuvraj Sahu Editor – Khabar Vistar युवराज साहू (Yuvraj Sahu) खबर विस्तार (Khabar Vistar) के संपादक हैं। वे छत्तीसगढ़ की स्थानीय, प्रशासनिक, अपराध, शिक्षा एवं जनहित से जुड़ी खबरों का निष्पक्ष और तथ्यपरक कवरेज करते हैं।

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