धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र अंतर्गत श्यामतराई गांव में एक मकान में संदिग्ध गतिविधियों (देह व्यापार) की सूचना पर पुलिस की दबिश के बाद मामला गरमा गया है। 30 सितंबर को पुलिस ने मकान में कार्रवाई करते हुए वहां मिले युवक-युवतियों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, 7 बालिग पुरुषों के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। वहीं महिलाओं/युवतियों के संबंध में पूछताछ के बाद अलग कार्रवाई की गई।
पुलिस कार्रवाई के अगले दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण संदिग्ध मकान के सामने पहुंचे और घेराव करते हुए नारेबाजी की। ग्रामीणों ने मकान मालिक और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
3-4 साल से संदिग्ध गतिविधियों का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित मकान में पिछले 3-4 वर्षों से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की आशंका थी। ग्रामीणों के मुताबिक रात के समय मकान में लोगों का लगातार आना-जाना देखा जाता था। लंबे समय से इस संबंध में शिकायतें सामने आने का भी ग्रामीणों ने दावा किया है। पुलिस को सूचना मिलने के बाद 30 सितंबर को टीम ने मकान में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मिले लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया।
खानापूर्ति वाली कार्रवाई नहीं चलेगी’
गुरुवार को सरपंच डोमेश्वरी साहू, उपसरपंच धनंजय साहू, ग्राम विकास समिति अध्यक्ष टीकाराम साहू और उपाध्यक्ष नीलकंठ साहू की अगुवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने एसपी भावना पांडेय को ज्ञापन सौंपकर कहा कि केवल मौके पर मिले लोगों के खिलाफ कार्रवाई तक मामला सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि जांच में किसी मुख्य संचालक, मकान मालिक या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने कहा कि ‘खानापूर्ति वाली कार्रवाई नहीं चलेगी।’ उन्होंने कथित देह व्यापार और अनैतिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने दावा किया कि अर्जुनी थाना क्षेत्र में पीटा एक्ट लागू है। उनका कहना है कि 30 सितंबर की कार्रवाई में पीटा एक्ट के बजाय धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जिसे वे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि यदि जांच में अनैतिक गतिविधियों या देह व्यापार से संबंधित अपराध प्रमाणित होते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ पीटा एक्ट सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।
SP ने दिया कार्रवाई का भरोसा
एसपी भावना पांडेय के अनुसार, मामले में 7 बालिग लोगों के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि भविष्य में यदि इस तरह की कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
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