नवापारा-मगरलोड मुख्य मार्ग पर रात करीब 10.30 बजे ट्रक-हाइवा के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि हाइवा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना मगरलोड थाना अंतर्गत बड़ी करेली चौकी क्षेत्र का है।
आमने-सामने भिड़े दोनों वाहन
जानकारी के मुताबिक, नवापारा निवासी उदल कुमार साहू उर्फ पिंटू ट्रक क्रमांक सीजी 04 एमजे 9331 में डीएपी खाद लेकर नवापारा से मगरलोड शासकीय खाद गोदाम की ओर जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से रेत लदा हाइवा क्रमांक सीजी 07 सीक्यू 0283 आ रहा था। सोमवार रात करीब 10.30 बजे बड़ी करेली-भेंडरी मार्ग पर खट्टी खार नगरा नाला के पास दोनों वाहनों की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई।
पुलिस टीम ने संभाला मोर्चा
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के सामने के हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर एक-दूसरे में फंस गए। टक्कर के बाद ट्रक में लदी खाद काफी दूर तक सड़क पर बिखर गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी करेली चौकी प्रभारी राधेश्याम बंजारे, मेजर हेमंत उके सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हादसे की भयावह स्थिति को देखते हुए तत्काल रेस्क्यू शुरू कराया गया। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने भी बचाव कार्य में पुलिस का सहयोग किया।
केबिन में फंसे थे दोनों चालक, एक की मौत
दो जेसीबी मशीनों और गैस कटर की मदद से केबिन के भारी हिस्सों को काटकर हटाया गया। ट्रक चालक उदल कुमार साहू उर्फ पिंटू को बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। करीब दो से ढाई घंटे की मशक्कत के बाद घायल चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसे एंबुलेंस से नवापारा अस्पताल भेजा गया।
चौकी प्रभारी राधेश्याम बंजारे के मुताबिक, दोनों वाहन आपस में बुरी तरह फंस गए थे और केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे। ट्रक चालक को निकालने के दौरान ही उसकी मौत की पुष्टि हुई, जबकि हाइवा चालक को काफी मशक्कत के बाद जिंदा बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने हाइवा चालक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
80-100 किमी की रफ्तार की बात
प्रारंभिक जांच में वाहनों की तेज रफ्तार को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों वाहनों की गति करीब 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने की बात सामने आई है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह पुलिस की विस्तृत जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।
मानसून में रेत लदे हाइवा पर उठे सवाल
हादसे के बाद एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि मानसून के दौरान जब अधिकांश रेत घाट बंद हैं, तब हाइवा में लदी रेत कहां से लाई जा रही थी? क्या रेत वैध स्रोत से लाई जा रही थी या फिर अवैध उत्खनन और परिवहन से जुड़ा मामला है? पुलिस और संबंधित विभाग को इसकी भी जांच करनी चाहिए।
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