राजिम। धर्मनगरी राजिम के महानदी पुल पर फैले अंधेरे, सड़क के गड्ढों और बाहर निकलती सरिया को लेकर प्रकाशित खबर का असर आखिरकार देखने को मिला। खबर प्रकाशन के कुछ ही घंटों बाद जिम्मेदार विभाग हरकत में आया और पुल पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया।
गौरतलब है कि राजिम पुल पर पिछले कई दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद होने और सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने की समस्या बनी हुई थी। मुख्य मार्ग होने के कारण यहां से दिन-रात बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन होता है। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता था, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई थी।
गुरुवार सुबह से मरम्मत कार्य शुरू
इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए बुधवार को खबर विस्तार ने समाचार प्रकाशित की थी। खबर सामने आने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग की नींद खुली और गुरुवार सुबह से ही पुल की मरम्मत का काम शुरू किया गया। पुल पर बने गड्ढों को भरने के लिए गिट्टी और मलाई डालकर अस्थायी रूप से रिपेयरिंग की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से पुल की सड़क खराब होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर रात के समय बंद स्ट्रीट लाइट और गड्ढों की दोहरी समस्या लोगों के लिए खतरा बनी हुई थी। लोगों ने उम्मीद जताई है कि अब केवल गड्ढों को भरने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पुल की पूरी सड़क, स्ट्रीट लाइट और अन्य खराब व्यवस्थाओं को भी जल्द दुरुस्त किया जाएगा।
नियमित निगरानी की मांग
हालांकि लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या हर समस्या के समाधान के लिए पहले खबर प्रकाशित होना जरूरी है? पुल की खराब हालत से जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि पहले से ही परिचित थे। इसके बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई। अब खबर के बाद मरम्मत कार्य शुरू होना निश्चित रूप से राहत की बात है, लेकिन जिम्मेदार विभागों को आगे भी नियमित निगरानी करनी होगी।
राजिम की जनता ने मांग की है कि पुल पर केवल तात्कालिक पैबंद लगाने के बजाय स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए, ताकि बारिश और भारी वाहनों के दबाव में गड्ढे दोबारा न बनें।
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