नवापारा-राजिम। नौ दिनों तक घर-आंगन और पंडालों में भक्ति की ज्योत जगाने वाली मां दुर्गा की विदाई का पल आया, तो भक्तों का दर्द आंखों से छलक पड़ा। ढोल-नगाड़ों की गूंज, जय माता दी के जयकारों और नम आंखों के बीच श्रद्धालुओं ने मां आदि शक्ति को भावभीनी विदाई दी।
किसी ने हाथ जोड़कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा, तो किसी ने अगले बरस फिर जल्दी आने की प्रार्थना की। शीतला तालाब की ओर बढ़ते जंवारा और माता की प्रतिमाओं के साथ मानो पूरा शहर भक्ति और भावनाओं के सागर में डूब गया। मां से बिछड़ने की कसक हर भक्त के चेहरे पर नजर आई, लेकिन मन में यही विश्वास रहा कि मां फिर आएंगी, खुशियां लाएंगी और अपने भक्तों पर कृपा बरसाएंगी।
जयकारों से गूंजा शीतला तालाब मार्ग
नवमी के पावन अवसर पर शीतला मंदिर में प्रतिमा विसर्जन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। शीतला तालाब जाने वाले मार्ग पर हजारों श्रद्धालु और शहरवासी सड़क के दोनों ओर खड़े होकर जंवारा और मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन करते रहे। इस दौरान भक्तों ने जयकारे लगाकर मां के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते निकलीं विसर्जन यात्राएं
विभिन्न मोहल्लों और चौक-चौराहों के दुर्गा पंडालों से प्रतिमाओं और जंवारा को लेकर समितियों के सदस्य कतारबद्ध होकर शीतला तालाब की ओर बढ़ते रहे। पूरा शहर मां दुर्गा के जयकारों और भक्ति गीतों से भक्तिमय हो गया।
एक ओर सेवक ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए मां का गुणगान कर रहे थे, तो दूसरी ओर युवतियों और महिलाओं की टोलियां सिर पर जंवारा लेकर पंक्तिबद्ध होकर चल रही थीं। कई श्रद्धालु जमीन पर लेटकर अपनी आस्था और भक्ति प्रकट करते नजर आए। महिलाओं के समूह जंवारा लेकर आगे बढ़ते रहे। दुर्गा पंडालों से निकली प्रतिमाओं को वाहनों में सजाकर भक्ति जस गीतों के साथ विसर्जन स्थल तक पहुंचाया गया। श्रद्धालुओं के उत्साह और धार्मिक उल्लास से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
गालों में बाना धारण कर भक्तों ने दिखाई आस्था
विसर्जन यात्रा में कई श्रद्धालु गालों, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में छोटे-बड़े बाना धारण कर नाचते-गाते हुए मां की आराधना करते नजर आए। शीतला तालाब के घाट पर परंपराओं के अनुसार एक-एक कर मां दुर्गा की प्रतिमाओं और जंवारा का विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते रहे। देर रात तक घाट पर प्रतिमाओं और जंवारा विसर्जन का क्रम चलता रहा।
श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी और पेयजल की व्यवस्था
विसर्जन यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीतला तालाब मार्ग के विभिन्न स्थानों पर भक्तों द्वारा पेय पदार्थ और प्रसादी की व्यवस्था की गई थी। वहीं, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस भी मुस्तैद रही। थाना प्रभारी जितेंद्र दुबे अपनी टीम के साथ तैनात रहे और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था संभाली।
इस तरह नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना के बाद भक्तों ने परंपरा, श्रद्धा और भावुकता के साथ मां आदि शक्ति को विदाई दी। मां के जयकारों के बीच संपन्न हुआ विसर्जन शहर में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल छोड़ गया।
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