Shyam Agrawal
previous arrow
next arrow
स्कूल प्रबंधन समिति गठन विवाद
Spread the love

अभनपुर। स्कूलों में पालकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जारी शासन के निर्देशों के पालन को लेकर रायपुर जिले में विवाद खड़ा हो गया है। स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC) के गठन में देरी को लेकर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) छत्तीसगढ़ ने शिक्षा विभाग पर सवाल उठाए हैं।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं जनपद पंचायत अभनपुर के पूर्व सभापति टिकेंद्र सिंह ठाकुर ने जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर पर शासन के निर्देशों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर संगठन शिक्षा मंत्री का घेराव करेगा।

टिकेंद्र सिंह ठाकुर के अनुसार, भारत सरकार की गाइडलाइन के बाद छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने 12 जून 2026 को प्रदेश के सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूल प्रबंधन समितियों के गठन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में स्कूल प्रबंधन समितियों की संरचना, सदस्यों के चयन, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के निर्वाचन और समय-सीमा का उल्लेख किया गया है।

पालकों में से चुना जाना है अध्यक्ष

शासन के आदेश के अनुसार, स्कूल प्रबंधन समिति के कुल सदस्यों में 75 प्रतिशत सदस्य विद्यार्थियों के माता-पिता या अभिभावकों में से होने चाहिए। आदेश में यह भी उल्लेख है कि समिति के गठन के बाद पहली बैठक में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। समिति में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी अनिवार्य रखी गई है। साथ ही सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के अभिभावकों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

ठाकुर का आरोप है कि प्रदेश के अन्य जिलों में निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, लेकिन रायपुर जिले में अब तक अध्यक्षों का चयन नहीं किया गया है। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए सवाल उठाया कि जब शासन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, तो राजधानी के जिले में उनका पालन क्यों नहीं हो रहा है।

राजनीतिक हस्तक्षेप का भी लगाया आरोप

इंटक कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रायपुर जिले में स्कूल प्रबंधन समितियों के गठन की प्रक्रिया को लंबित रखने के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं। टिकेंद्र ने बताया कि यह मुद्दा जिला पंचायत की सामान्य सभा में भी उठाया जा चुका है, जहां मामले में तत्काल निर्णय लेने की बात कही गई थी।

संचालक से हस्तक्षेप की मांग, आंदोलन की चेतावनी

टिकेंद्र सिंह ठाकुर ने स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने की स्थिति में घेराव किया जाएगा।

इस मुद्दे पर टिकेंद्र सिंह ठाकुर के साथ भरत देवांगन, पन्नालाल नवंगरे, नीरज हरबंश, सुखदेव साहू, किशन मानिकपुरी, योगेंद्र सोनकर, धीरेन्द्र अस्थाना, चंद्रहास साहू, टेकचंद साहू, जयवर्धन बघेल, कमलेश टंडन, धनेश्वरी डांडे, मोमबाई हरबंश सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी कार्रवाई की मांग की है।

सबसे तेज़ और विश्वसनीय खबरें पाने के लिए Khabar Vistar WhatsApp Channel फॉलो करें।

https://whatsapp.com/channel/0029VbDAob79hXF37X9TD01p

यह खबर भी पढ़ें

अभनपुर में भव्य शिक्षक सम्मान समारोह, इंटक ने किया 250 से अधिक शिक्षकों का सम्मान

By Yuvraj Sahu

Yuvraj Sahu Editor – Khabar Vistar युवराज साहू (Yuvraj Sahu) खबर विस्तार (Khabar Vistar) के संपादक हैं। वे छत्तीसगढ़ की स्थानीय, प्रशासनिक, अपराध, शिक्षा एवं जनहित से जुड़ी खबरों का निष्पक्ष और तथ्यपरक कवरेज करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *