Shyam Agrawal
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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक
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रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने घटना के महज 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपए नकद, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार सहित अन्य सामान जब्त किए गए हैं। मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

100 से अधिक पुलिसकर्मियों जांच में जुटी

पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल की सतत मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीकमामले की गंभीरता को देखते हुए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई। कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में अलग-अलग पुलिस टीमें भेजी गईं। साइबर टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र, स्क्रीनशॉट, फोटो, मैसेज और पोस्ट का तकनीकी विश्लेषण किया।

परीक्षा शुरू होने से पहले वायरल हुआ था पेपर

दरअसल, 20 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी 28 कृषि महाविद्यालयों में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष द्वितीय सेमेस्टर के AGCH-221 कीटशास्त्र विषय की परीक्षा होनी थी।

IGKV में B.Sc.एग्रीकल्चर का पेपर लीकपरीक्षा शुरू होने से पहले ही सुबह करीब 8.41 बजे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कवर्धा के ई-मेल पर प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिली। करीब 8.54 बजे संबंधित अधिकारियों को भी ई-मेल के जरिए इसकी जानकारी मिली। छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी व्हाट्सऐप के माध्यम से प्रश्नपत्र के कुछ सवाल वायरल होने की सूचना विश्वविद्यालय को दी।

जांच में प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद थाना तेलीबांधा में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की धारा 4, 5 एवं 10 तथा धारा 316 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

ऐसे हुआ पेपर लीक

पुलिस की जांच में सामने आया कि योगेश सोनकेसरिया वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में प्रोफेसर के पद पर पदस्थ है। पिछले करीब एक वर्ष से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त कर उन्हें कॉलेज तक ले जाने का काम कर रहा था।

IGKV में B.Sc.एग्रीकल्चर का पेपर लीक17 अगस्त को वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय, रायपुर पहुंचा था। उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के बाद उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त किए। सभी प्रश्नपत्र कॉलेज ले जाने के बाद उसने उन्हें कॉलेज में रख दिया, लेकिन 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र अपने घर ले गया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने प्रश्नपत्र के लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण से छोटा छेद किया। इसके बाद मोबाइल कैमरा अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की। उसने प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार की और उसे अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक समेत तीन छात्रों को 11 हजार रुपए में बेच दिया।

इसके बाद अजय नायक ने प्रश्नपत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर इस पूरी कड़ी का खुलासा किया।

दुर्ग से कई जिलों तक पहुंची पुलिस

प्रश्नपत्र वायरल होने के स्रोत की तलाश में साइबर टीम ने सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर, ग्रुप और डिजिटल संपर्कों की तकनीकी जांच की। वायरल सामग्री की टाइमलाइन और उसके प्रसारण की पूरी श्रृंखला का विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस को सबसे पहले अनुज मिंज के संबंध में जानकारी मिली। टीम ने दुर्ग पहुंचकर उसे पकड़ा।

इसके बाद उससे पूछताछ और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों तक पुलिस पहुंची। लगातार करीब 36 घंटे की कार्रवाई के बाद पुलिस ने प्रश्नपत्र लीक होने के स्रोत का पता लगाते हुए कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में 5 छात्र

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया के अलावा भारती एग्रीकल्चर कॉलेज दुर्ग के पांच छात्र शामिल हैं। जिसमें अजय नायक (20 वर्ष), त्रिदेव पटेल (22 वर्ष), नितिन पाण्डेय (22 वर्ष), अनुज मिंज (22 वर्ष) और आदित्य साहू (20 वर्ष) शामिल है।

दो आरोपी फरार

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीकपुलिस ने बताया कि प्रकरण में संलिप्त दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार पुलिस टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक मामले में शामिल अन्य लोगों और उनकी भूमिका के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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By Yuvraj Sahu

Yuvraj Sahu Editor – Khabar Vistar युवराज साहू (Yuvraj Sahu) खबर विस्तार (Khabar Vistar) के संपादक हैं। वे छत्तीसगढ़ की स्थानीय, प्रशासनिक, अपराध, शिक्षा एवं जनहित से जुड़ी खबरों का निष्पक्ष और तथ्यपरक कवरेज करते हैं।

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