नवापारा-राजिम। पीएम श्री योजना के तहत संचालित शासकीय प्राथमिक शाला सोमवारी बाजार की बदहाली को लेकर खबर विस्तार ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था, जिसका बड़ा असर देखने को मिला। बच्चों को गंदगी और जलभराव के बीच पढ़ाई करने की मजबूरी उजागर होते ही शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग (एडीबी) हरकत में आ गया।
अभनपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) धरमचंद जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वयं स्कूल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उनके साथ बीआरसीसी श्री साहू भी मौजूद थे। जबकि एडीबी (लोक निर्माण विभाग) के सुपरवाइजर वासुदेव भी मौके पर पहुंचे और जेटिंग मशीन से वर्षों से जाम पड़ी नालियों की सफाई शुरू कराई।
जेटिंग मशीन से खुली वर्षों पुरानी जाम नाली
एडीबी के सुपरवाइजर और सफाई कर्मचारियों ने जेटिंग मशीन से करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नाली से जमा मलबा और गाद निकाली गई, जिसके बाद स्कूल परिसर एवं आसपास में भरा पानी तेजी से बाहर निकलने लगा। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल तत्काल राहत मिल गई है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए तकनीकी प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
इस दौरान बीईओ पूरे समय मौके पर मौजूद रहे और अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। बीईओ ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी समाधान पर भी कार्य किया जाएगा।
बच्चों की परेशानी बनी प्रशासन की प्राथमिकता
विद्यालय परिसर में लगातार बारिश के कारण गंदा पानी भर जाने से बच्चे बदबू और कीचड़ के बीच पढ़ाई करने को मजबूर थे। रसोईघर तक पानी पहुंचने से मध्यान्ह भोजन भी प्रभावित हो गया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए राहत कार्य शुरू कराया, जिससे अभिभावकों और शाला प्रबंधन समिति ने राहत की सांस ली।
बीईओ ने सुनी शाला समिति की समस्याएं
निरीक्षण के दौरान बीईओ ने जनप्रतिनिधियों और शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। समिति ने केवल जलभराव ही नहीं, बल्कि स्कूल के बाहर फैली गंदगी, मवेशियों के गोबर और कचरे की गंभीर समस्या भी उठाई। सदस्यों ने बताया कि बच्चे रोजाना गोबर और कचरे के बीच से होकर स्कूल पहुंचते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना रहता है।
गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया सहित अन्य बीमारियों का खतरा रहता है। समिति ने स्कूल के बाहर नियमित सफाई और कचरा हटाने की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी। बीईओ ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अपनी ओर से आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
स्थायी समाधान पर भी हुई चर्चा
शाला प्रबंधन समिति ने बताया कि स्कूल परिसर सड़क से नीचे होने के कारण हर वर्ष पानी भर जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यालय परिसर में बजरी एवं क्रांकिटकर लगभग एक फीट ऊंचाई बढ़ाई जाए, जिससे भविष्य में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो सके। बीईओ ने इस सुझाव पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
जनप्रतिनिधियों ने जताया संतोष
वार्ड के जनप्रतिनिधियों और शाला प्रबंधन समिति ने समाचार के बाद प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि वर्षों से चली आ रही समस्या पहली बार गंभीरता से सुनी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब केवल अस्थायी सफाई ही नहीं, बल्कि स्थायी समाधान भी जल्द होगा।
सीएमओ बोले- संबंधितों को नोटिस जारी

स्कूल के बाहर फैले गोबर और कचरे की समस्या पर नवापारा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) लवकेश कुमार पैकरा ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधितों ने एक सप्ताह के भीतर स्कूल के आसपास फैली गंदगी और कचरे की सफाई कराने का आश्वासन दिया है। यदि तय समय-सीमा में सफाई नहीं की गई तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खबर विस्तार की खबर का बड़ा असर

खबर विस्तार ने पीएम श्री स्कूल की बदहाली को प्रमुखता से उठाया, जिसका असर हुआ कि प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, जाम नालियों की सफाई कराई गई, जलभराव दूर किया गया और स्थायी समाधान की दिशा में पहल शुरू हुई।
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