नवापारा-राजिम। शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। गली-मोहल्लों में कचरा जमा होने और नालियों की नियमित सफाई नहीं होने की शिकायतों के बीच मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने की बात सामने आ रही है। दिन ढलते ही मच्छरों के आतंक से शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नगर पालिका की सफाई व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
नगर पालिका की नेता प्रतिपक्ष संध्या राव ने सफाई व्यवस्था को लेकर आवाज उठाते हुए पालिका प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने सफाई के नाम पर खानापूर्ति किए जाने का आरोप लगाते हुए शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
सफाई के दावों के बीच गलियों में कचरा, जिम्मेदार कौन?
संध्या राव ने कहा कि शहर की साफ-सफाई नगर पालिका की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है, लेकिन यदि गलियों में कचरा जमा हो और नालियों की नियमित सफाई नहीं हो, तो इसका सीधा असर नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ता है। कचरे का समय पर उठाव नहीं होने और नालियों में गंदगी जमा रहने से दुर्गंध तथा मच्छरों की समस्या बढ़ने की आशंका रहती है।
ऐसे हालात में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर शहर की सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी कौन कर रहा है? क्या सफाई कार्यों की नियमित समीक्षा हो रही है? और यदि व्यवस्था सुचारु है, तो नागरिकों को गंदगी एवं मच्छरों की समस्या से राहत क्यों नहीं मिल पा रही है?
शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप, बीमारियों का खतरा
शहरवासियों की परेशानी शाम ढलने के साथ बढ़ जाती है। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से लोगों को घरों के भीतर और बाहर असुविधा का सामना करना पड़ता है। मच्छरों की अधिकता डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा सकती है। ऐसे में नालियों की सफाई के साथ-साथ जलभराव समाप्त करना, मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान करना और आवश्यकतानुसार लार्वा नियंत्रण एवं फॉगिंग जैसे उपाय करना जरूरी है।
संध्या राव ने उठाए सवाल, पालिका प्रशासन से जवाबदेही की मांग
नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष संध्या राव ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से शहर की गलियों और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना पालिका की जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
धरातल पर दिखने चाहिए काम
नेता प्रतिपक्ष श्रीमती राव ने कहा कि सफाई जैसे बुनियादी विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर ठोस कार्रवाई की जरूरत है। सत्ता पक्ष और नगर पालिका प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शहर के प्रत्येक वार्ड में सफाई नियमित रूप से हो और मच्छरों के नियंत्रण के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका नियमित सफाई का रोस्टर सार्वजनिक करें, कचरा उठाव की निगरानी बढ़ाए, नालियों की सफाई सुनिश्चित करे और मच्छर नियंत्रण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
अब देखने वाली बात होगी कि नगर पालिका प्रशासन इन सवालों पर कितनी गंभीरता दिखाता है और शहरवासियों को गंदगी व मच्छरों की समस्या से राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल नवापारा की सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने पालिका प्रशासन की जवाबदेही को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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