किसानों की विभिन्न समस्याओं और सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में भारतीय किसान संघ 8 अक्टूबर को प्रदेशभर के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदेशव्यापी आंदोलन Farmers Protest करेगा। आंदोलन के दौरान किसान धरना-प्रदर्शन और ट्रैक्टर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। किसान संघ ने प्रदेशभर के किसानों से बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
1700 करोड़ की लंबित धान राशि जारी करने की मांग
भारतीय किसान संघ ने अपने ज्ञापन में धान खरीदी से जुड़े मुद्दों Farmers Protest को प्रमुखता से उठाया है। संघ का दावा है कि वर्ष 2022-23 की धान खरीदी की किसानों की करीब 1700 करोड़ रुपये की राशि अब भी लंबित है। इसे तत्काल जारी करने की मांग की गई है। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में समर्थन मूल्य में की गई कुल 258 रुपये की वृद्धि का लाभ किसानों को देने और धान की खरीदी 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने की मांग रखी गई है।
धान खरीदी की व्यवस्था में बदलाव की मांग
Farmers Protest किसान संघ ने धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक निर्धारित करने की मांग की है। प्रत्येक तौल में अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम धान लेने का आदेश जारी करने की मांग भी की गई है। टोकन व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए संघ ने बड़े किसानों को पांच, लघु किसानों को तीन और सीमांत किसानों को दो टोकन देने की मांग रखी है। वहीं धान खरीदी के दौरान किसानों पर दबाव डालकर खाता समर्पण कराने की प्रक्रिया बंद करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
बाढ़ से हुए फसल नुकसान का मुआवजा मांगा
Farmers Protest हाल में आई बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर किसानों को उचित क्षतिपूर्ति देने की मांग की गई है। इसके अलावा गन्ने के मूल्य में 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने और इसे कृषक उन्नति योजना से जोड़ने की मांग की गई है।
नई सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति देने की मांग
Farmers Protest किसान संघ ने अरपा-भैंसाझार सहित अधूरी सिंचाई परियोजनाओं में तेजी लाने तथा जहां सिंचाई की संभावनाएं हैं, वहां नई परियोजनाओं को स्वीकृति देने की मांग भी रखी है।
खाद की कालाबाजारी और बिजली निजीकरण का मुद्दा
Farmers Protest ज्ञापन में बाजार में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक लगाने और भूमि अधिग्रहण में भारतीय एग्रो इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर के उदयपुर डिक्लेरेशन के अनुरूप प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई है। रबी सीजन में जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मक्का और गेहूं की भी समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की मांग किसान संघ ने उठाई है।
गौ संरक्षण और गौ आधारित खेती पर भी जोर
Farmers Protest भारतीय किसान संघ ने गौ संरक्षण और गौ आधारित खेती को भी अपनी मांगों में शामिल किया है। संघ ने गौवंदन योजना लागू करने तथा जी-राम-जी योजना को गौ संरक्षण एवं संवर्धन से जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। प्रतिनिधि सभा के प्रस्ताव में गौपालक किसानों को प्रति गौवंश प्रतिदिन 50 रुपये प्रोत्साहन राशि, गौवंश का पंजीयन एवं टैगिंग कराने तथा गौ आधारित जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की मांग की गई है।
8 अक्टूबर का यह आंदोलन किसानों की लंबित आर्थिक मांगों, धान खरीदी की व्यवस्था, सिंचाई, खाद, बिजली, फसल क्षतिपूर्ति और कृषि से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भारतीय किसान संघ की ओर से सरकार के सामने मांगें रखने का माध्यम होगा।
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