नवापारा-राजिम। लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) रायपुर जिला ग्रामीण ने हल्लाबोल करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष मोहन चक्रधारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार गोबरा नवापारा के माध्यम से ज्ञापन भेजकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए और जांच की मांग की।
ज्ञापन में आम आदमी पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच कराने तथा SIR प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच की मांग रखी है।
AAP नेताओं ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी ने दावा किया कि करीब 13 करोड़ 47 लाख मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। पार्टी ने इन दावों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग भी रखी।
ज्ञापन में वर्ष 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया। पार्टी का कहना है कि चुनाव के बाद उसने निर्वाचन आयोग के समक्ष संबंधित मामलों के साक्ष्य प्रस्तुत किए थे, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
AAP की प्रमुख मांगें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में प्रमुख रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की मांग। SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से हटाए गए नामों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग। पिछले चुनावों में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों का ऑडिट कराने तथा पात्र मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने की मांग और छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पुनरीक्षण कराने की मांग।
AAP नेताओं ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता एवं निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए – मोहन
ज्ञापन सौंपने के बाद AAP नेता मोहन चक्रधारी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि “मतदान का अधिकार प्रत्येक पात्र नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। मतदाता सूची में नाम जुड़ने और हटने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। SIR को लेकर जो सवाल और शिकायतें सामने आ रही हैं, उनका समाधान निष्पक्ष जांच के माध्यम से होना चाहिए। छत्तीसगढ़ में जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनका भी पुनरीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि कोई पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न हो।”
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