Shyam Agrawal
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पर्युषण पर्व
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नवापारा। पर्युषण पर्व पर भगवान महावीर स्वामी का जन्म वाचन दिवस सकल श्रीसंघ द्वारा श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय श्वेतांबर जैन मंदिर में दिनभर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और आयोजनों का सिलसिला चलता रहा। भगवान महावीर के जन्म वाचन के दौरान मंदिर परिसर जयकारों, भजनों और बधाइयों से गूंज उठा।

पर्व के पांचवें दिन की मंगल प्रभात में सर्वप्रथम परमात्मा का जलाभिषेक, पक्षाल, पूजन एवं आरती की गई। इसके बाद चैत्य वंदन और शांति कलश धारा का विधान संपन्न हुआ। शांति कलश धारा का लाभ संघरत्न गौतमचंद्र पारख ने प्राप्त किया। इसके पश्चात मंदिर प्रांगण में भगवान महावीर स्वामी के पंचकल्याणक की पूजा आयोजित की गई। स्नात्र मंडल एवं मनोहर जिन शासन सेवा ग्रुप के सदस्यों ने भाव-विभोर संगीतमय वातावरण में पूजा संपन्न कराई।

भगवान के जन्म की घोषणा होते ही गूंज उठा मंदिर

जन्म वाचन दिवस के अवसर पर स्थानीय श्वेतांबर जैन मंदिर में कल्पसूत्र का वाचन पूज्य भव्य मुनि द्वारा किया जा रहा है। इसके अंतर्गत भगवान महावीर स्वामी के चरित्र और जन्म से पूर्व की घटनाओं का वर्णन किया गया। कल्पसूत्र वाचन के दौरान जैसे ही पूज्य भव्य मुनि ने श्रद्धालुओं को सावधान और सचेत करते हुए भगवान महावीर के अवतरित होने की घोषणा की, पूरा मंदिर परिसर जय-जयकारों से गूंज उठा।

मंदिर में थाली, घंटे और बैंड-बाजे बजने लगे। श्रद्धालुओं में ऐसा उत्साह देखने को मिला कि प्रभु को दर्पण दिखाने, गोटा प्रसादी चढ़ाने, अक्षत पूजा करने और पालना झुलाने के लिए श्रावक-श्राविकाएं एवं बालगोपाल उमड़ पड़े।

पंजरी प्रसादी बांटकर दी एक-दूसरे को बधाई

भगवान महावीर के जन्मोत्सव की खुशी में श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और पंजरी प्रसादी का आदान-प्रदान किया। जन्म वाचन के पश्चात गुरु भगवंतों को केसर का छांटा लगाया गया। इसका लाभ पूनमचंद बोथरा एवं प्रकाश प्रदीप बोथरा परिवार ने लिया। इसके बाद श्रीसंघ के ऊपर गुलाब जल की वृष्टि की गई। पूरे मंदिर परिसर में भगवान महावीर स्वामी के जयकारे गूंजते रहे। वीर गुणगान, बधाइयों और भजनों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

108 दीपों से हुई आरती

धार्मिक आयोजन के समापन क्रम में भगवान महावीर स्वामी की 108 दीपकों से आरती एवं मंगलदीप का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लाभ लिया।

श्रद्धालुओं की सहभागिता

भगवान महावीर जन्म वाचन दिवस के अवसर पर प्रातः स्वामी वात्सल्य का लाभ मोतीलाल संपतलाल दुग्गड़ परिवार ने लिया, जबकि संध्या के लाभार्थी सुरेश सिद्धार्थ बोथरा रहे। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में सकल श्रीसंघ के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। भगवान महावीर के जन्म वाचन के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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By Yuvraj Sahu

Yuvraj Sahu Editor – Khabar Vistar युवराज साहू (Yuvraj Sahu) खबर विस्तार (Khabar Vistar) के संपादक हैं। वे छत्तीसगढ़ की स्थानीय, प्रशासनिक, अपराध, शिक्षा एवं जनहित से जुड़ी खबरों का निष्पक्ष और तथ्यपरक कवरेज करते हैं।

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