बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर किए गए कथित विवादित और हिंदू विरोधी कमेंट को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज इलाके में दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी और मारपीट हुई, फिर नारेबाजी, पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई। हालात इतने बिगड़े कि कई वाहन, घर और दुकानों को नुकसान पहुंचा, जबकि पुलिस पर भी हमला हुआ। पथराव में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया और एक आरक्षक समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
इंस्टाग्राम कमेंट से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए गए कथित विवादित कमेंट से हुई। मामला सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोग खपरगंज पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस अधिकारियों को विवाद और युवकों की भीड़ जुटने की सूचना पहले ही दे दी गई थी। आरोप है कि शुरुआती स्तर पर पर्याप्त वरिष्ठ पुलिस बल मौके पर नहीं पहुंचा, जिसके कारण स्थिति लगातार बिगड़ती गई।
पथराव में पुलिस अधिकारी घायल
तनाव बढ़ने के बाद दोनों पक्षों की भीड़ आमने-सामने आ गई और जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई। हालात संभालने पहुंची पुलिस भी उपद्रवियों के निशाने पर आ गई। सिविल ड्रेस में पहुंचे सीएसपी गगन कुमार के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की बात सामने आई, जबकि पथराव में तारबाहर टीआई रवि तिवारी घायल हो गए।
लाठीचार्ज और आंसू गैस से भीड़ को खदेड़ा
सिटी कोतवाली चौक के पास पुलिस ने पहले बातचीत कर हालात शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन पत्थरबाजी शुरू होने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। रिपोर्ट के अनुसार, पर्याप्त उपकरण उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में कुछ गोले हाथ से भी फेंके गए।
थाने में घुस गई भीड़, मचाया जमकर हंगामा
हिंसा और तनाव के बीच हालात इतने बिगड़ गए कि आक्रोशित भीड़ सिटी कोतवाली थाने तक पहुंच गई और थाना परिसर में हंगामा शुरू हो गया। भीड़ पथराव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही थी। इसी दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह लोगों को समझाने और स्थिति नियंत्रित करने में जुटे रहे।
जांजगीर-चांपा, मुंगेली और CAF से बुलाया गया अतिरिक्त बल
बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने जिलेभर से जवानों को बुलाया। हालात की गंभीरता को देखते हुए जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ से भी अतिरिक्त बल तैनात किया गया। देर रात तक सिटी कोतवाली और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ मौजूद रही।
हेलमेट पहनकर सड़क पर उतरे कलेक्टर और SSP
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह खुद सड़क पर उतर आए। बाद में कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह हेलमेट पहनकर पैदल मार्च पर निकले। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में गश्त कर भीड़ को हटाया और देर रात तक हालात सामान्य करने की कोशिश जारी रखी।
क्षेत्र में धारा 163 लागू, चार से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक
हिंसा के बाद प्रशासन ने सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 लागू कर दी है, जिसे आमतौर पर धारा 144 जैसे प्रतिबंधात्मक आदेश के रूप में देखा जाता है। आदेश के तहत चार से अधिक लोगों के एक साथ एकत्र होने, बिना अनुमति सभा, रैली, जुलूस और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर चलने पर भी रोक रहेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सामान्य पारिवारिक आवागमन और बाजार में खरीदारी जैसी गतिविधियों को प्रतिबंध से छूट रहेगी। प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
25 लोगों के खिलाफ FIR, उपद्रवियों की तलाश
पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों से जुड़े लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार 25 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए CCTV और अन्य उपलब्ध फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों की तलाश कर रही है।
अफवाहों पर न दें ध्यान
प्रशासन और पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों तथा भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और हिंसा फैलाने या सामुदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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