नवापारा:- बारिश के बीच नवापारा शहर में नलों से गंदा पानी आने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नगर के कई वार्डों में पिछले कुछ दिनों से नलों से मटमैला और दूषित पानी आने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। हालात इतने गंभीर बताए जा रहे हैं कि गंदे पानी के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग दावा कर रहे हैं कि नलों से आने वाला पानी पीने योग्य नहीं है और इससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
लगातार शिकायतों को देखते हुए सोमवार को कांग्रेस के पार्षदों ने नगर के जल शुद्धिकरण केंद्र (वाटर फिल्टर प्लांट) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पार्षदों ने नगरपालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि फिल्टर प्लांट में पानी शुद्ध करने के लिए जरूरी फिटकरी और ब्लीचिंग पाउडर का स्टॉक पूरी तरह खत्म मिला।
स्टॉक रजिस्टर ने खोली पोल!
कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान स्टॉक रूम लगभग खाली मिला। वहीं रोजनामचा और स्टॉक रजिस्टर देखने पर पता चला कि 13 जुलाई 2026 के बाद से शुद्धिकरण सामग्री की कोई नई स्टॉक एंट्री दर्ज नहीं की गई। पार्षदों ने सवाल उठाया कि जब बारिश के कारण नदी का पानी पहले से अधिक मटमैला है, तब बिना पर्याप्त केमिकल ट्रीटमेंट के पानी की सप्लाई कैसे की जा रही है?
जनता को पिलाया जा रहा गंदा पानी
निरीक्षण में शामिल पार्षद अजय साहू, रामरतन निषाद, दीपाली राजपूत, अर्जुन साहू, तरुण कंसारी, हेमंत साहनी, टिकेश्वर गिलहरे और फागुराम देवांगन ने आरोप लगाया कि नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण नगरवासियों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पार्षदों का कहना है कि गर्मी के मौसम में प्रतिदिन करीब 20 बट्टी फिटकरी का उपयोग किया जाता था, लेकिन बारिश के मौसम में जब पानी अधिक गंदा है, तब शुद्धिकरण सामग्री का उपयोग नहीं होना गंभीर लापरवाही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो-वीडियो
नगर के कई नागरिकों ने सोशल मीडिया पर मटमैले पानी के फोटो और वीडियो साझा करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी इतना गंदा है कि उसे पीना तो दूर, घरेलू उपयोग में भी दिक्कत हो रही है।
नालियों से उठ रही बदबू, बीमारी का खतरा
नगरवासियों ने यह भी शिकायत की है कि अधिकांश वार्डों में नालियों से तेज दुर्गंध आ रही है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में जलभराव और गंदगी के कारण डायरिया, पीलिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। नागरिकों ने मांग की है कि नगरपालिका तत्काल ब्लीचिंग पाउडर या अन्य उपलब्ध संसाधनों का छिड़काव कर स्वच्छता अभियान चलाए।
आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही फिल्टर प्लांट में फिटकरी, ब्लीचिंग पाउडर और अन्य आवश्यक रसायनों की व्यवस्था कर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो नगरहित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
क्या कहते हैं प्रशासन
मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) लवकेश पैकरा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि फिल्टर प्लांट में पानी शुद्ध करने के लिए फिटकरी और ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आवश्यक सामग्री का नया ऑर्डर भी दे दिया गया है।
सीएमओ ने बताया कि लगातार बारिश के कारण महानदी सहित जल स्रोतों से अत्यधिक मटमैला पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंच रहा है। इसी वजह से मटमैले पानी की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि नगरपालिका प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है और नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। साथ ही लोगों से अपील की कि यदि किसी वार्ड में गंदे पानी की शिकायत है तो तत्काल नगरपालिका को सूचना दें, ताकि संबंधित क्षेत्र में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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