रायगढ़। खरीफ सीजन 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। 23 जून को जिले के सभी विकासखंडों में 18 बीज विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बीज नियंत्रण आदेश-1983 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने विभिन्न बीज विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 37.45 क्विंटल बीज के विक्रय, वितरण एवं परिवहन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया।
बीज की बिक्री पर रोक
उप संचालक कृषि अनिल वर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खरसिया स्थित जय बालाजी एजेंसी, समलेश्वरी बीज भंडार (पटेलपाली), बालाजी बीज भंडार (पटेलपाली), मुकेश बीज भंडार (धरमजयगढ़), श्री श्याम कृषि केंद्र (सिसरिंगा) तथा सागर कृषि केंद्र (पुसौर) में बीजों के स्रोत संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। कई प्रतिष्ठानों द्वारा विक्रय किए जा रहे बीजों के वैध स्रोत प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित बीजों की बिक्री पर रोक लगा दी गई।
खरसिया स्थित जय बालाजी एजेंसी में अंकुर सीड एवं मनसा सीड के स्रोत प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए जाने पर अंकुर सोनम तथा मनसा विराट धान बीज के स्टॉक के विक्रय, वितरण और परिवहन पर प्रतिबंध लगाया गया। वहीं रायगढ़ विकासखंड के समलेश्वरी बीज भंडार, बालाजी बीज भंडार, मुकेश बीज भंडार तथा श्री श्याम कृषि केंद्र में पान सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के बीजों के स्रोत प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सात दिनों के लिए बिक्री पर रोक लगा दी गई। इसके अलावा पुसौर स्थित सागर कृषि केंद्र में धान की किस्म आईआर-64 के स्रोत प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण उसके विक्रय पर भी प्रतिबंध लगाया गया।
निरीक्षण के दौरान आवश्यक अभिलेखों एवं मासिक प्रतिवेदन का संधारण नहीं पाए जाने पर कृषि विभाग ने जिले के 9 बीज विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
कृषि विभाग के अनुसार खरीफ 2026 में बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब तक 107 बीज नमूने राज्य स्तरीय बीज गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं। इनमें 84 नमूने सहकारी क्षेत्र तथा 23 नमूने निजी क्षेत्र से लिए गए हैं। विभाग का कहना है कि जिले में खरीफ सीजन की आवश्यकता के अनुरूप सहकारी एवं निजी क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हैं।
किसानों से अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल सेवा सहकारी समितियों अथवा अधिकृत बीज विक्रेताओं से ही बीज खरीदें और खरीदारी के समय पक्का बिल अवश्य लें। इससे बीज की गुणवत्ता संबंधी किसी भी शिकायत या दावे के निराकरण में सुविधा होगी। विभाग ने किसानों को प्रमाणित एवं गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग की सलाह देते हुए सतर्क रहने का आग्रह किया है।

