राजिम। आपातकाल की बरसी की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी जिला गरियाबंद द्वारा बुधवार शाम राजिम में भव्य मशाल रैली का आयोजन किया गया। गायत्री मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई यह रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सुंदरलाल शर्मा चौक पहुंची, जहां लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके संघर्ष और बलिदान को स्मरण किया गया।
मशाल रैली का नेतृत्व राजिम विधायक रोहित साहू एवं भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने किया। रैली में भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में मशाल लिए कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया।
आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय

इस अवसर पर विधायक रोहित साहू ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उस दौर में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों का योगदान देश कभी नहीं भूल सकता।
भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती और संविधान की मूल भावना को बनाए रखने के लिए आपातकाल की घटनाओं को याद रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मशाल रैली का उद्देश्य लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को सम्मान देना तथा नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है।

रैली के समापन पर सुंदरलाल शर्मा चौक में लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस दौरान वक्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सदैव सजग रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, युवा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

