प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को विकास, सुशासन और जनविश्वास की ऐतिहासिक विजय बताते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने नक्सलवाद और माओवाद को जड़ से समाप्त करने का जो संकल्प लिया था, उसके सकारात्मक परिणाम आज पूरे देश के सामने हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय, हिंसा और अविश्वास का माहौल था, वहां आज विकास, अवसर और नई उम्मीदों का दौर शुरू हो चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग भय और असुरक्षा के वातावरण में जीवन जीने को मजबूर थे। विकास कार्यों को आगे बढ़ाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। सड़क निर्माण, संचार सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास के हर प्रयास का हिंसक विरोध किया जाता था। निर्माण सामग्री को आग के हवाले कर दिया जाता था, ठेकेदारों को धमकाया जाता था और विकास कार्यों को बाधित करने की लगातार कोशिश की जाती थी।

उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। बीते वर्षों में हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया, हजारों मोबाइल टावर स्थापित किए गए और दूरस्थ गांवों तक संचार सुविधाएं पहुंचाई गईं। बैंकिंग, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन के जरिए लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल आधारभूत संरचना का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास, सुरक्षा और अवसरों का विस्तार है।

सिर्फ बंदूक नहीं, भरोसे से जीती गई लड़ाई

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल सुरक्षा बलों की कार्रवाई तक सीमित नहीं रही। सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने, कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करने पर समान रूप से काम किया। यही कारण है कि आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोकतंत्र और विकास के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

बस्तर बना बदलाव की मिसाल

प्रधानमंत्री ने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी हिंसा और आतंक का वातावरण था, वहां आज युवाओं की प्रतिभा खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से सामने आ रही है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन का जीवंत उदाहरण है। यह संकेत है कि बस्तर का युवा अब हिंसा नहीं, बल्कि अवसर और विकास का रास्ता चुन रहा है।

बस्तर की पहचान अब विकास और संभावनाएं – मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘नेशन फर्स्ट’’ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस ने बस्तर सहित पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था, वहां आज विकास का आत्मविश्वास दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, बैंकिंग और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच ने लोगों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया है। केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षा बलों की वीरता तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद का अध्याय लगभग समाप्ति की ओर पहुंच चुका है।

उन्होंने कहा कि आज बस्तर की पहचान हिंसा नहीं, बल्कि विकास, जनभागीदारी, खेल, पर्यटन और नई संभावनाओं से बन रही है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और अंत्योदय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा तथा बस्तर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।

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